
राजस्थान के उदयपुर में एक शख्स ने अपने ने स्कूल की छठी क्लास की छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता गर्भवती हुई और उसने बच्चे को जन्म भी दिया। वारदात तीन साल पुरानी है। पॉक्सो कोर्ट ने सभी दलीलें सुनने और साक्ष्य देखने के बाद आरोपी को दस हजार रुपये जुर्माना व 20 साल की सजा सुनाई है। वारदात के वक्त आरोपी नाबालिग था, लेकिन सजा के वक्त उसकी उम्र 21 साल है। अब उसे न्यायिक अभिरक्षा में ही सजा काटनी पड़ेगी।
मामले के मुताबिक सवीना थाना क्षेत्र में डाकन कोटड़ा स्कूल में पढ़ने वाली छठी कक्षा की छात्रा के साथ उसी की कक्षा के छात्र ने दुष्कर्म किया। पीड़िता गर्भवती हुई और उसे एक बच्चे को जन्म दिया, जिसकी कुछ दिनों में ही मौत हो गई। सवीना थाना पुलिस ने इस मामले में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ठ लोक अभियोजक चेतनपुरी गोस्वामी ने आरोप साबित करने के लिए 14 गवाहों के बयानों को कलमबद्ध करवाया। 26 ऐसे दस्तावेज पेश किए जो यह साबित करते हैं कि आरोपी ने नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म किया।
मामले में आया फैसला
कोर्ट के पीठासीन अधिकारी भूपेंद्र कुमार सनाढ्य ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने 21 साल की उम्र पूरी कर ली है। आरोपी को सजा भुगतने के लिए जेल भेजने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। पीठासीन अधिकारी ने अपने फैसले में लिखा है कि पीड़ित को बतौर क्षतिपूर्ति पांच लाख रुपये भी दिलाए जाएं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को फैसले की प्रति प्राप्त होने के तीस दिन में यह राशि राष्ट्रीय बैंक में उचित समयावधि की एफडीआर करवाकर दी जाए।
यह थी घटना
पेट में दर्द होने पर पीड़िता को 15 फरवरी 2019 को उदयपुर के महिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया, जहां पर उसने एक बच्चे को जन्म दिया। तीन दिन बाद बच्चे की मृत्य हो गई। इस दौरान पीड़िता ने अपने बयान में पुलिस का बताया कि उसके साथ पढ़ने वाला किशोर ने पहले दोस्ती की और फिर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर चालान पेश किया था।