नई दिल्ली:- इजराइल-हमास वॉर में आए दिन गाजा की धरती मासूमों के खून से लहूलुहान हो रही है. इसको लेकर फिलिस्तीनी शिक्षा मंत्रालय ने दिल दहला देने वाली रिपोर्ट जारी की है. हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि बीते 18 महीने पहले 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुई इस जंग में अब तक 17 हजार से ज्यादा बच्चे बेमौत मारे गए हैं.
वहीं दो माह के युद्ध विराम के बाद से गाजा में फिर से तबाही का मंजर दिख रहा है. यहां हर दिन बर्बादी हो रही है. 18 मार्च से फिर शुरू हुई गाजा की जंग पर इजरायल का खतरानाक चेहरा सामने आया है. यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा की तबाही में हरेक दिन कम से कम 100 बच्चे मारे जा रहे हैं या घायल हो रहे हैं.
इजराइल-हमास वॉर की ये दुख भरी सच्चाई का संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है. यूएन रिपोर्ट कहती है कि बीते महीने 18 मार्च से जब से इजरायली सेना ने फिर से गाजा पर ताबड़तोड़ हवाई और जमीनी हमले शुरू किए हैं. हर दिन यहां चीखों के बीच 100 बच्चे या तो मर रहे हैं या फिर जख्मी हो रहे हैं.
इस भीषण युद्ध की विभीषिका में मासूम बचपन बमबारी में राख हो रहा है, वहीं दुनिया चुपचाप तमाशा देख रही है. गाजा में जारी हिंसा और तबाही के बीच संयुक्त राष्ट्र ने खुलासा किया है कि 18 मार्च से अब तक हर दिन औसतन 100 से अधिक बच्चे या तो मारे गए हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
यूएनआरडब्ल्यूए की प्रमुख फिलिप लजारिनी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि, “बच्चों की हत्या का कोई भी औचित्य नहीं हो सकता. उन्होंने ग़ाज़ा को बच्चों के लिए ‘नो लैंड’ करार देते हुए इसे “हमारी साझा मानवता पर दाग” बताया.
यूनीसेफ ने डेटा जारी कर बताया कि बीते माह 18 मार्च को इजराइल-हमास संघर्ष विराम टूटने के बाद अब तक 322 बच्चों की लाशें बिछ चुकी हैं. संस्था की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल कहती हैं कि दो महीने का संघर्ष विराम बच्चों के लिए बड़ी राहत लेकर आया था, लेकिन अब वे फिर से भयंकर हिंसा की चपेट में हैं.
युद्ध की आग में अब तक 17000 से ज्यादा मासूम मरे
5 अप्रैल को फिलिस्तीनी बाल दिवस के मौके पर फिलिस्तीनी शिक्षा मंत्रालय ने युद्ध की त्रासदी को लेकर बताया कि अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में 17,000 से अधिक बच्चे मारे जा चुके हैं. फिलिस्तीनी शिक्षा मंत्रालय मंत्रालय ने कहा, हर आंकड़ा एक ज़िंदगी, यादों और अनुभवों के खत्म होने की कहानी है.
इजरायली हिरासत में 1100 बच्चे
इजराइल-हमास संघर्ष में अब हमास का भी दर्द छलका है. हमास ने भी बच्चों के खिलाफ इज़रायल की कथित नीतियों की निंदा करते हुए कहा कि ये सब जानबूझकर की जा रही हत्या, हिरासत और यातना है. हमास का कहना है कि 7 अक्टूबर 2023 के बाद से तकरीबन 1,100 बच्चों को इजरायली सेना ने कस्टडी में ले रखा है. जबकि 39,000 बच्चे अपने माता-पिता में से किसी न किसी को चाहे वो मां हो या पिता या दोनों ही खो चुके हैं.
वहीं फिलिस्तीनी अधिकार संगठनों ने अपने ज्वॉइंट स्टेटमेंट में कहा है कि वेस्ट बैंक से 1,200 बच्चों को इज़रायल ने हिरासत में लिया है और वे हरेक दिन यातना, भुखमरी, और चिकित्सा असुविधा जैसी अमानवीय स्थितियों का सामना कर रहे हैं. इनमें 17 वर्षीय वलीद अहमद की जेल में हुई मौत भी शामिल है.
5 दिन में 1.42 लाख फिलिस्तीनी विस्थापित
इस बीच यूएनआरडब्ल्यूए की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि पिछले महीने 18 से 23 मार्च के बीच 1.42 लाख फिलिस्तीनियों को फिर से विस्थापित होना पड़ा है. वहीं गौर करें तो इस लड़ाई में अब तक 1.9 मिलियन लोग विस्थापन, बमबारी और खौफ का सामना कर चुके हैं. इनमें वो लोग भी शामिल हैं जो बार-बार विस्थापित किए जाते रहे हैं.
50,000 मौतों का आंकड़ा पार कर गया गाजा में
इजराइल-हमास की इस लड़ाई की वजह से गाजा में अब तक 50,600 से अधिक फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है. इनमें से अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं. आईसीसी ने नवंबर 2024 में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलंट के खिलाफ युद्ध अपराधों के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. इतना ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में इजरायल पर नरसंहार का मुकदमा भी चल रहा है.