छत्तीसगढ़ की गारे पल्मा खदान के लिए 24 मार्च को अंतिम बोली
रायपुर, 5 मार्च। जेएसडब्ल्यू स्टील, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड और भारत एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड समेत 21 कंपनियों ने कोयला खदानों की ताजा नीलामी के लिए बोली लगाई है। सरकार ने बुधवार को यह जानकारी दी।
कोयला मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि कोयले की बिक्री के लिए कोयला खदानों की नीलामी श्रृंखला के चौथे भाग की प्रक्रिया के तहत यह बोलियां मंगाई गई है।
इसके अलावा ओडिसा में उत्कल बी1 और बी2 को छह जबकि महाराष्ट्र में चिनोरा को चार तथा झारझंड में रबोडीह ओसीपी के लिए तीन बोलियां प्राप्त हुई है।
मंत्रालय ने कहा कि कोयले की बिक्री के लिए कोयला खदानों की नीलामी श्रृंखला के चौथे भाग की प्रक्रिया 16 दिसंबर, 2021 को कोयला मंत्रालय के नामित प्राधिकरण द्वारा शुरू की गई थी। नीलामी के लिए व्यावसायिक निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी, 2022 थी। मंत्रालय के अनुसार 11 कोयला खदानों के लिए कुल 26 बोलियां प्राप्त हुई हैं। इसमें से पांच कोयला खदानों के लिए दो या दो से उससे अधिक निविदाएं प्राप्त हुई हैं।
कोयला मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कोयले की बिक्री के चौथे चरण के तहत कोयला खदानों की नीलामी के लिए कुल 26 बोलियां प्राप्त हुईं। नीलामी में रखी गई 11 कोयला खदानों में से पांच को एकल बोलियां मिलीं यानि सिर्फ एक एक कंपनी ने ही बोली लगाई.
छत्तीसगढ़ में गारे पाल्मा IV/6 खदान को अधिकतम आठ बोलियां मिलीं। यह खदान मूल रूप से जनवरी 2006 में जिंदल स्टेल एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) और मालवा स्पंज आयरन लिमिटेड को संयुक्त रूप से आवंटित की गई थी ताकि निकटवर्ती रायगढ़ और तराईमल जिलों में उनके संबंधित स्पंज आयरन संयंत्रों की कोयले की आवश्यकता को पूरा किया जा सके। हालांकि बाद में इस आवंटन को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 2014 में रद्द कर दिया गया था।
ओडिशा में उत्कल बी1 और बी2 खानों को छह बोलियां मिलीं, जबकि महाराष्ट्र में चिनोरा को चार और झारखंड में रबोडीह ओसीपी के लिए तीन बोलियां मिलीं। बयान में कहा गया है, “कोयले की बिक्री के लिए कोयला खदानों की नीलामी की चौथी किश्त की प्रक्रिया 16 दिसंबर, 2021 को शुरू की गई थी। तकनीकी बोली जमा करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी, 2022 थी।”
मंत्रालय के सूत्र ने आगे बताया कि 11 कोयला खदानों के खिलाफ कुल 26 बोलियां प्राप्त हुई हैं। “पांच कोयला खदानों के लिए दो या दो से अधिक बोलियां प्राप्त हुई हैं।”
बोली लगाने वाली कंपनियों में जेएसडब्ल्यू स्टील, जेएसपीएल, श्यामन मेटलिक्स एंड एनर्जी लिमिटेड, महानदी माइन्स एंड मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड और सारदा माइन्स प्राइवेट लिमिटेड ने दो-दो खानों के लिए बोली लगाई, जबकि बाल्को, बीएस इस्पात, सारदा एनर्जी एंड मिनरल लिमिटेड और रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड उन फर्मों में शामिल थीं, जिन्होंने एकल बोलियां एक—एक खदान की लगाई हैं.
बयान में कहा गया है, “बोलियों का मूल्यांकन एक बहु-विषयक तकनीकी मूल्यांकन समिति द्वारा किया जाएगा और तकनीकी रूप से योग्य बोलीदाताओं को 24 मार्च, 2022 से एमएसटीसी पोर्टल पर आयोजित होने वाली इलेक्ट्रॉनिक नीलामी में भाग लेने के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।”