
दिल हमारे लिए कितना महतवपूर्ण है ये तो हम सब जानते है, लेकिन दिल की बीमारी दुनियाभर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। एक अध्ययन के अनुसार 1000 लोगों में से 272 लोगों की मौत दिल की बीमारी से हो जाती है। जिसका आंकड़ा दिन -प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है। आज के युग में 30 से 40 वर्ष के कम उम्र में ही लोगों को दिल के रोग होने लगे है। यही नहीं अब तो छोटी उम्र के बच्चों में भी ये शिकायत देखने को मिलती है। जिसका कारण खराब लाइफस्टाइल,तनाव,एक्सरसाइज न करना और अनियमित फूड हैबिट्स है।
हृदय रोग ये है चार मुख्य 4 प्रकार
कोरोनरी आर्टरी डिजीज : – यह हृदय रोग का सामान्य प्रकार है, जिसे आम भाषा में कोरोनरी धमनी रोग के नाम से जाना जाता है। यह बीमारी धमनियों में मैल जमा होने की कारण होती है, जो हृदय में रक्त के बहाव को रोक कर हृदय विफलता और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा देता है।
दिल का दौरा पड़ना: यह सबसे जान-मानी बीमारी है, जिससे अधिकांश लोग पीड़ित होते हैं।
दिल का खराब होना: जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह ऐसी दिल की बीमारी है, जिसमें दिल सही तरह से काम करना बंद कर देता है।
दिल की धड़कनों का अनियमित रूप से चलना: कई बार दिल की धड़कने धीमे या फिर तेज गति से चलने लगती है, इसे भी दिल की बीमारी के रूप में परिभाषित किया जाता है।(HEALTH TIPS: Do not ignore the early signs of heart disease at all)
ह्दय रोग के ये भी है दो प्रकार
रूमेटिक हृदय रोग: यह बीमारी रुमेटिक फीवर से जुड़ी हुई है। यह एक ऐसी अवस्था है, जिसमें हृदय के वाल्व एक बीमारी की प्रक्रिया से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। यह प्रक्रिया स्ट्रेप्टोकोकल बैकटीरिया के कारण गले के संक्रमण से शुरू होती है। यदि इसका इलाज नहीं किया जाये ,गले का यह संक्रमण रुमेटिक बुखार में बदल जाते है। बार -बार के रुमेटिक बुखार से ही रुमेटिक हृदय रोग विकसित होता है।
जन्मजात हृदय रोग: यह रोग जनम के समय हृदय की संरचना की खराबी के कारण होती है जन्मजात हृदय की खराबियां हृदय ने जाने वाले रक्त के सामान्य प्रवाह बदल देती है।
ह्दय रोग के कारण
उच्च रक्तचाप- जिस व्यक्ति को उच्च रक्तचाप की समस्या होती है, उसे दिल की बीमारी हो सकती है।
ध्रूमपान करना- यदि आप ध्रूमपान करते हैं, तो आपको दिल की बीमारी हो सकती है।
डायबिटीज का होना- जो व्यक्ति डायबीटीज से पीड़ित होता है, उसे ह्रदय रोग होने की संभावना अधिक होती है।
अधिक वजन होना- दिल की बीमारी उस व्यक्ति को भी हो सकती है, जिसका अधिक वजन होता है।
तनाव का होना- दिल की बीमारी का मुख्य रूप कारण अधिक मात्रा में तनाव लेना है। इसी कारण जितना हो सके उतना तनाव से बचना चाहिए।(HEALTH TIPS: Do not ignore the early signs of heart disease at all)
हृदय रोग के लक्षण:-
- छाती में बेचैनी महसूस होना: यदि आपकी आर्टरी ब्लॉक है या फिर हार्ट अटैक है तो आपको छाती में दबाव महसूस होगा और दर्द के साथ ही खिचाव महसूस होगा।
- मतली हार्टबर्न और पेट में दर्द होना: दिल सम्बन्धी कोई भी समस्या होने से पहले लोगो को मितली आना,सीने में जलन,पेट में दर्द होना या फिर पाचन संबंधी दिक्कते आने लगती है।(HEALTH TIPS: Do not ignore the early signs of heart disease at all)
- कई दिनों तक कफ आना: यदि आपको काफी दिनों से खासी जुकाम और थूक सफेद या गुलाबी हो रहा है तो ये हार्ट फेल का एक लक्षण है.
- सांस लेने में दिक्कत होना: सांस लेने में दिक्कत होना या सांस न आना हार्ट फैल का बड़ा लक्षण है.
- हाई ब्लड शुगर- हाई ब्लड शुगर से कोरोनरी आर्टरी डीसीज का खतरा बढ़ जाता है. दरअसल, ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ने से कोरोनरी धमनी संकरी हो जाती हैं इससे रक्त वाहिकाओं के फंक्शन में रुकावट आ जाती है. इसलिए समय-समय पर ब्लड शुगर लेवल की जांच करना हृदय को स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है.
- गले और जबड़े का दर्द- यदि आपके माता-पिता को सीने में दर्द होता है जो उनके गले और जबड़े तक फैलता है, तो यह दिल के दौरे का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है.
- पसीना आना- दिल की बीमारी में कुछ लोगों को अधिक मात्रा में पसीना आता है।(HEALTH TIPS: Do not ignore the early signs of heart disease at all)