नई दिल्ली:– केंद्र की सरकार ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि साल 2025 में अब तक देश में 8 हवाई हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में 274 लोगों की मौत हुई और 84 लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं में सबसे बड़ा और भयावह हादसा 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुआ था जब एअर इंडिया का एक बोइंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 अहमदाबाद से लंदन गैटविक एयरपोर्ट जा रही थी और टेकऑफ के ठीक बाद क्रैश हो गई। एयर इंडिया विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी थे।
विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने राज्यसभा में बताया कि अहमदाबाद में Air India के Boeing 787-900 विमान ने जैसे ही उड़ान भरी। इसके बाद वह तकनीकी खराबी के चलते नियंत्रण खो बैठा और कुछ ही देर बाद बी. जे. मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग से टकरा गया। इस दुर्घटना में 260 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 81 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
आठ हादसों में शामिल रहे ये विमान
विमान हादसों के बाद अक्सर विमानों के मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों को दोषी ठहराया जाता है। इस साल हादसों में शामिल रहे विमान और हेलिकॉप्टर हादसों में आठ हादसों का जिक्र किया गया है। मंत्री ने बताया कि 8 हादसों में शामिल विमानों की श्रेणी इस प्रकार है
एक यात्री विमान: Boeing 787-900 (Air India)
तीन ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट: Cessna 152, Teena 2008JC, Diamond DA40
चार हेलिकॉप्टर: Bell 407 (दो हादसे), Airbus AS350B2, Leonardo AW119
मुआवजा देने की जिम्मेदारी विमान कंपनियों की: नायडू
के. राममोहन नायडू की मानें तो सभी मामलों की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की ओर से की जा रही है। राज्यसभा में यह भी स्पष्ट किया गया कि मृतकों और घायलों के परिजनों को मुआवजा देने की जिम्मेदारी विमान कंपनियों की होती है। मंत्री ने कहा कि पायलटों और ग्राउंड स्टाफ को DGCA मान्यता प्राप्त संस्थानों से अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी जाती है। साथ ही सभी व्यावसायिक विमान आधुनिक तकनीक से लैस हैं।
केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि भारत शिकागो कन्वेंशन, 1944 का सदस्य है और ICAO के सभी सुरक्षा मानकों का पालन करता है। सरकार का दावा है कि सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
