जबलपुर। उत्तर एवं दक्षिण भारतीय संस्कृति को सहेजे हुए काशी–तमिल संगमम की पहली ट्रेन, आज दिनांक 18 नवम्बर शुक्रवार को जबलपुर स्टेशन पर पहुंचने पर गाड़ी के प्रतिनिधियों का आरपीएफ बैंड की धुन से जोरदार स्वागत किया गया।
गाड़ी के जबलपुर स्टेशन पर पहुंचने पर माननीया सांसद राज्य सभा श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि, माननीय कैंट विधायक जबलपुर श्री अशोक रोहणी एवं जबलपुर शहर के गणमान्य नागरिकों, रेल प्रशासन की ओर से अपर मण्डल रेल प्रबंधक, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी, वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबंधक, वरिष्ठ मण्डल सुरक्षा आयुक्त एवं स्टेशन प्रबंधक राजप्रत्रित सहित सभी रेलकर्मियों द्वारा गाड़ी से आये प्रतिनिधियों का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया। स्वागत से अभिभूत सभी डेलीगट्स के चेहरे खुशी से खिले हुए नजर आ रहे थे।
यह गाड़ी जबलपुर स्टेशन से अपने निर्धारित समय दोपहर 15:40 बजे गन्तव्य के लिए रवाना हुई। काशी-तमिल संगमम की दूसरी ट्रेन 21 नवम्बर को इटारसी, जबलपुर, कटनी एवं सतना स्टेशनों होकर गन्तव्य के लिए रवाना होगी। काशी-तमिल संगमम 2022 ”आजादी का अमृत महोत्सव” के हिस्से के रूप में भारत सरकार की एक पहल है। यह ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना का उत्सव होगा और तमिल भाषा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति का भी उत्सव मनाया जा रहा है। जिसका एक नज़ारा आज जबलपुर स्टेशन पर भी देखने को मिला।
उल्लेखनीय है कि काशी और तमिलनाडु के बीच ज्ञान के सदियों पुराने बंधन और प्राचीन सभ्यतागत जुड़ाव को फिर से खोजने के लिए वाराणसी में 17 नवंबर से 16 दिसंबर तक महीने भर चलने वाला ‘काशी तमिल संगमम’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है । इन ट्रेन सेवाओं में तमिलनाडु के कुल 2592 प्रतिनिधि शामिल होंगे जिसके प्रत्येक रेक में 216 यात्री होंगे तथा यह ट्रेन मार्ग में 21 स्टेशनों पर रुकेंगी।
उक्त यात्रा का उद्देश्य आईआईटी चेन्नई और बीएचयू के कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, भारतीय संस्कृति की दो प्राचीन अभिव्यक्तियों के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों/विद्वानों के बीच अकादमिक आदान-प्रदान-सेमिनार, चर्चा आदि दोनों के बीच संबंधों और साझा मूल्यों को सामने लाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।