कोरबा। पर्यटन क्षेत्र सतरेंगा की डूबान क्षेत्र में अब मछली का भी उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए मछली पालन विभाग ने गांव के मछव सहकारी समिति का गठन कर इससे 20 किसानों को जोड़कर उन्हें मछली उत्पादन के लिए परीक्षण भी दिया जा रहा है ताकि अब तक परंपरागत रूप से मछली पालन करने वाले ग्रामीणों को रोजगार के रूप में इसे अपना सकें।
जिले के पहला पर्यटन क्षेत्र सतरेंगा में अब किसान आधुनिक तरीके से मछली उत्पादन कर सकेंगे। अब तक इस क्षेत्र के किसान परंपरागत रुप से मछली पालन कर अपना जीवकोपार्जन किया करते थे। बांगो का डूबान क्षेत्र होने के कारण आसपास के ग्रामीण यहां परंपरागत रुप से ही मछली के शिकार से लगे हुए थे और बाजारों में बेचकर उससे अपनी आय अर्जित करते थे।
मछली पालन विभाग ने अब इस क्षेत्र के किसानों को मछली पालन के व्यवसाय से जोडऩे के लिए मछुवा सहकारी का गठन सतरेंगा क्षेत्र में किया है और पहले चरण में 20 किसानों को इससे जोड़कर उन्हें मछली पालन के नए तरीके से प्रशिक्षित करने का कार्य शुरु कर दिया है। बीते बुधवार को विभाग के सहायक संचालन और विभागीय अधिकारियों ने सतरेंगा क्षेत्र में शुरु किए गए प्रशिक्षिण कार्यक्रम का अवलोकन भी किया था।
यहां बताना होगा कि जिस समय सतरेंगा को पर्यटन क्षेत्र में विकसित करने हेतु प्रशासन स्तर पर कार्य किए जा रहे थे, उस दौरान मछली विभाग ने मछली पालन के व्यवसाय को बढ़ाने के उद्देश्य से एक निश्चित स्थान पर गेज लगाए गए थे और जून महीने में ही मछली उत्पादन की दिशा पर कार्य भी शुरु कर दिया था। किसानों को बीज वितरण भी किए गए थे। ताकि वह पुराने तौर तरीकों से आगे निकलकर आधुनिक तरीके से मछली उत्पादन कर सके।
आसपास के गांव के किसान लेंगे प्रशिक्षणव्यापक स्तर पर मछली उत्पादन को बढ़ाने की दिशा पर विभाग द्वारा शुरु किए प्रशिक्षिण कार्यक्रम को विस्तार दिया गया। इससे सतरेंगा के साथ कदमझरिया, गढ़कटरा, बोड़ानाला, माखुरपानी आदि गामों के किसान भी इससे जोड़े जाएंगे।