जयपुर। फिल्मों के मामले में अब कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज की एंट्री हो चुकी है। कुछ दिन पूर्व फिल्म ‘पठान’ को लेकर और उसके विरोध में बागेश्वर धाम सरकार वाले पंडित धारेन्द्र शास्त्री ने भी बयान दिया था। जिसके बाद अब अनिरुद्धाचार्य महाराज ने भी एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लड़कियां पढ़ाई लिखाई के बाद सिनेमाघरों में फ़िल्में देखने जाती हो इसलिए टुकड़े-टुकड़े होते है।
जयपुर में स्टेच्यू सर्किल पर होटल हवेली गार्डन में भागवत कथा का आयोजन हो रहा है जिसमें अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि पहले बेटियां पढ़ने-लिखने की बात कहकर घर से निकलती हैं और फिल्में देखने व पॉपकॉर्न खाने चली जाती हैं। फिर एक दिन बिना बताए घर से ही चली जाती हैं। उसके बाद उनके 35 टुकड़े हो जाते हैं। अब यदि बेटियों को 35 टुकड़े होने से बचाना है तो उन्हें संस्कारवान बनाओ।
उन्होंने आगे कहा कि बच्चे पैदा करना बड़ी बात नहीं है। बच्चे तो जानवर भी पैदा कर लेते हैं। बड़ी बात होती है उन्हें संस्कार देना। उन्होंने कहा कि इसमें गलती माता-पिता की भी है, जो बच्चों को संस्कारित नहीं करते। इसलिए बेटियों को पढ़ाने-लिखाने के साथ संस्कारी भी बनाएं ताकि समाज में करीतियों का अंत किया जा सके। नहीं तो ऐसे खौफनाक दृश्य देखने को मिलते रहेंगे।
बता दें कि गोविंदी देवी इंदरलाल डेरेवाला मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट और श्रीगौ गौरी गोपाल सेवा संस्था समिति के तत्वावधान में जयपुर में गुरुवार से भागवत कथा चल रही है। जिसमें कथा व्यास वृंदावन धाम के अनिरुद्धाचार्य महाराज कथा कर रहें है। बता दूं कि कई बार महाराज जी ने ऐसे विवादित बयान दिए है।