उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी नेता और MLC स्वामी प्रसाद मौर्य का रामचरित मानस पर विवादित बयान सामने आया है l स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा की रामचरित मानस तुलसीदास ने अपनी खुशी के लिए लिखा है। कई करोड़ लोग रामचरित मानस को नहीं पढ़ते, सब बकवास है।
नेता जी इतने में ही नहीं रुके उन्होंने आगे कहा सरकार को इसका संज्ञान लेते हुए रामचरित मानस से जो आपत्तिजनक अंश हैं, उसे बाहर करना चाहिए या इस पूरी पुस्तक को ही बैन कर देना चाहिए।
इसके पहले 11 जनवरी को बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के 15वें दीक्षांत समारोह में छात्रों के सामने रामचरितमानस और मनुस्मृति को समाज में नफरत फैलाने वाला और विभाजित करने वाला बताया l उनके इस बयान पर मुजफ्फरपुर और किशनगंज जिले में हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दो मामले दर्ज किए गए हैं l बावजूद इसके शिक्षा मंत्री अपने बयान पर कायम है l