तुर्किये और सीरिया में सोमवार और मंगलवार को आए भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हजार तक पहुंच गई है। राहत और बचाव अभियान चला रहे जवान मलबे के बीच जिंदगी तलाश रहे हैं। इस बीच मौत को मात देकर जिंदा बचे लोगों की कहानियां सामने आ रही हैं।ऐसी ही कहानी तुर्किये के गाजियांटेप रहने वाले 17 साल के युवक अदनान मुहम्मेट कोरकुट की है। सोमवार को आए भूकंप में उसका घर तबाह हो गया था। वह मलबे के नीचे दब गया था। करीब 94 घंटे बाद बचावकर्मियों ने अदनान को बाहर निकाला।
अपना यूरिन पीकर रहा जिंदाबाहर निकाले जाने के बाद अदनान ने बताया कि उसने अपना यूरिन पीकर जान बचाई। भूख लगने पर घर में रखे फूलों को खाया। किसी तरह वह करीब चार दिन जिंदा रहा। भूकंप जिस वक्त आया उस समय अदनान अपने घर में सो रहा था। भूकंप से घर गिरने लगा तो उसने अपने हाथ-पैर समेट लिए थे। अदनान ने बताया कि राहत अभियान चलाया गया तो उसने आवाज सुनी थी, लेकिन उसे डर था कि बाहर मौजूद लोग उसकी आवाज नहीं सुन पाएंगे। चार दिन बाद आखिरकार उसे जिंदा बाहर निकाल लिया गया।
तुर्किये और सीरिया में सोमवार रात को 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था। मंगलवार को भी भूकंप के झटके आए। भूकंप से तुर्किये और सीरिया में 24,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है। भूकंप आने के 100 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी दोनों देशों के प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। हालांकि गुजरते वक्त के साथ मलबे से लोगों के जिंदा निकाले जाने की उम्मीद धुमिल होती जा रही है।