इस दुनिया को अजीबो-ग़रीब इसलिए भी कहा जाता है कि क्योंकि यहां ख़ूबसूरत चीज़ों के अलावा, कई ऐसे रहस्य भी मौजूद हैं, जिनकी गुत्थी वैज्ञानिक तक सुलझा नहीं पाए हैं.इसी क्रम में हम आपको उस रहस्ययमी घाटी के बारे में बताने जा रहे हैं.अपने देश में ऐसी कई रहस्यमय जगहें मौजूद है. इन जगहों पर जाना या तो आम लोगों के लिए मना है या फिर यहां जाने वालों के साथ कोई ना कोई अजीबोगरीब घटना जरूर घटती है.
इनमें से कुछ चीजें काफी रहस्यमई हैं, जिनके बारे में चर्चाएं तो बहुत हैं लेकिन सच्चाई क्या है, यह न तो आज तक कोई वैज्ञानिक पता लगा पाया और न ही कोई मशीन..! हम यहां बात कर रहे हैं रांची में स्थित तैमारा घाटी की जिसे आप भारत का ‘बरमूडा ट्रायंगल’ भी कह सकते हैं. इस घाटी सबसे खास बात यह है कि यहां पहुंचने के बाद लोगों के मोबाइल फोन का समय और साल बदल जाता है. यह साल और समय डेढ़-दो साल आगे बढ़ जाता है. ऐसा क्यों और कैसे होता है. इस बात की गुत्थी सुलझाने में कई वैज्ञानिक भी जुटे हुए हैं.
लेकिन अभी तक उनको सफलता नहीं मिल पाई है.बदल जाती है गाड़ी स्पीड़ और समयइस घाटी को लेकर लोकल लोगों कहना है कि यहां से गुजरते वक़्त उन्होंने कई अजीबों गरीब गतिविधियां महसूस की हैं. इस घाटी जब कभी जो कोई गुजरता है उसके मोबाइल का समय और साल अपने आप ही बदलने लगता है. अगर आप गाड़ी से सफर कर रहे हैं तो आप नोटिस करेंगे कि आपकी गाड़ी की स्पीड कुछ और होती है और स्पीडोमीटर कुछ अलग स्पीड शो करता है. इसके अलावा इस घाटी की स्ट्रीट लाइट्स भी हमेशा कांपती है.
इस जगह के रहस्य को लेकर कहा जाती है कि यहां कोई मैगनेटिक रेडिएशन यानी चुम्बकीय विकिरण जो मोबाइल समेत इलेक्ट्रॉनिक समान को प्रभावित करती है.इन अजीबोगरीब घटनाओं लेकर कई लोगों ने तो यह तक कह दिया कि इस जगह का काल से कोई नाता है. वहीं कई ऐसे है जो कहते हैं ये तारीखें भविष्य में होने वाली किसी घटना का संकेत देती हैं? हालांकि इस घाटी का सच क्या है इस बात रिसर्च रही है लेकिन फिलहाल प्रकृति की इस पहेली को समझने में वैज्ञानिक भी नाकाम है.