रांची के रिम्स अस्पताल में मोर्चरी का डीप फ्रीजर एक साल से खराब है. अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से इस मोर्चरी में रखे 24 शव सड़ कर बह गए हैं. वहीं बाकी शवों की हालत बहुत खराब है. मामले का खुलासा होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने टेंडर कराने की बात कही है.. यहां मोर्चरी में रखे 24 शव सड़ कर बह गए हैं. यह स्थिति मोर्चरी का डीप फ्रीजर खराब होने की वजह से बनी है. मामले का खुलासा सामाजिक कार्यकर्ता विकास चंद उर्फ गुड्डू बाबा ने किया है.
गुड्डू बाबा लावारिश शवों के सम्मानजनक डिकंपोजीशन के लिए लड़ रहे हैं.उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि रिम्स की मोर्चरी में डीप फ्रीजर काफी समय से खराब पड़े हैं. इसी संबंध में उन्होंने उपाधीक्षक से मोर्चरी का जायजा लेने की अनुमति मांगी थी. वह जब मोर्चरी पहुंचे तो दृष्य हृदय विदारक था. 50 शवों की क्षमता वाले इस मोर्चरी में केवल दो कंपार्टमेंट ही चालू हालत में मिले. वहीं अलग अलग कंपार्टमेंट में रखे 24 शव बुरी तरह से डिकंपोज्ड हो चुके थे.
इन शवों का काफी हिस्सा सड़ कर बह गया था. बाकी हिस्से में भी तेजी से सड़न हो रही थी.शवों की पहचान मुश्किलउन्होंने बताया कि यहां सभी शव पहचान कराने के उद्देश्य से रखे गए थे, लेकिन बदइंतजामी की वजह से इनमें से कोई भी ऐसा शव नहीं है जिसकी पहचान किया जा सके.
यह सभी शव इस कदर सड़ गए हैं कि चेहरे पर आंख नहीं ठहरती. वहीं शरीर का बाकी हिस्सा लिक्विड बनने लगा था. गुड्डू बाबा के मुताबिक शवों को देखकर ऐसा लगा कि रिम्स प्रबंधन की मानवीय संवेदनाएं मर गई हैं.