इस बढ़ोतरी से भी ईपीएफ सदस्यों को काफी राहत मिलेगी. पिछले साल सीबीटी ने ईपीएफ की दरों को 40 साल के लोअर लेवल पर ला दिया था.
ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ट्रस्ट ने पीएफ पर मिलने वाले ब्याज पर इजाफा कर दिया है. सरकार ने ईपीएफ ब्याज दर को 8.10 फीसदी से बढ़ाकर 8.15 फीसदी कर दिया है. इस बढ़ोतरी से भी ईपीएफ सदस्यों को काफी राहत मिलेगी. पिछले साल सीबीटी ने ईपीएफ की दरों को 40 साल के लोअर लेवल पर ला दिया था. ईपीएफओ सीबीटी की दो दिनों से बैठक चल रही थी. जिसमें अनुमान लगाया जा रहा था कि सरकार या तो ब्याज दरों में मामूली इजाफा करेगी या फिर स्टेबल रखेगी. सीबीटी के फैसले के बाद 2022-23 के लिए ईपीएफ डिपॉजिट पर ब्याज दर पर सहमति के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री को भेजा जाएगा. EPFO सरकार द्वारा वित्त मंत्रालय के माध्यम से इसकी पुष्टि के बाद ही ब्याज दर प्रदान करता है.
कुछ ऐसी रही है ईपीएफओ दरों की हिस्ट्री
हिस्टोरिकल डेटा को देखें तो एक समय था जब ईपीएफ की दरें 90 के दशक के अंत में 10 फीसदी से ऊपर थीं.
1985-86 से दरें 10 फीसदी से अधिक हो गईं और वित्त वर्ष 2000-01 के अंत तक बढ़कर 12 फीसदी हो गईं.
वित्तीय वर्ष 2001-02 से, ईपीएफ दरें 10 फीसदी से कम ही देखने को मिली हैं.
वित्तीय वर्ष 2001-02 से 2004-05 तक, EPF की दर 9.50 फीसदी रखी गई थी, लेकिन 2005-06 से 2009-10 के वित्तीय वर्षों के बीच इसे घटाकर 8.50 फीसदी कर दिया गया.
वित्तीय वर्ष 2010-11 में ईपीएफ दर में 9.50% की अस्थायी वृद्धि देखी गई थी, लेकिन जल्द ही 2011-12 में इसे 8.25% कर दिया गया.
पिछले एक दशक में ईपीएफ की दरें 8.10 फीसदी से 8.80% के बीच रही हैं.
2011-12 से वित्त वर्ष 2022 तक हाईएस्ट ईपीएफ रेट वित्तीय वर्ष 2015-16 में 8.80 फीसदी था और वित्त वर्ष 2022 में सबसे कम 8.10 फीसदी देखने को मिला.
वित्त वर्ष 2022 से पहले, EPF की दरें लगातार दो वित्त वर्ष 2020-21 और 2019-20 के लिए 8.50% थीं.
17 सालों में ईपीएफओ का इंटस्ट रेट
वित्त वर्षईपीएफ रेट (फीसदी में)2005—068.502006—078.502007—088.502008—098.502009—108.502010—119.502011—128.252012—138.502013—148.752014—158.752015—168.802016—178.652017—188.552018—198.652019—208.502020—218.502021—228.10
7 करोड़ से ज्यादा मेंबर
मौजूदा समय में ईपीएफओ में 7 करोड़ से ज्यादा मेंबर हैं. जिन्हें बढ़ी हुई ब्याज दरों का फायदा मिलेगा. इस साल जनवरी में ईपीएफओ ने भविष्य निधि अकाउंट में कुल 14.86 लाख मेंबर जोड़े थे. कुल मिलाकर करीब 7.77 लाख नए सदस्य पहली बार ईपीएफओ के दायरे में आए हैं. जबकि इस महीने केवल 3.54 लाख सदस्य ईपीएफओ से बाहर निकले जो कि पिछले चार महीनों में सबसे कम निकासी है.
पिछले साल 40 साल के लोअर लेवल पर थी दरें
पिछले साल मार्च में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कर्मचारियों की भविष्य निधि डिपॉजिट पर ब्याज दर में 8.10 फीसदी कर दिया था. जोकि 40 साल का लोअर लेवल था. जिसका बचाव करते हुए उन्होंने कहा था कि 8.10 फीसदी की दर अभी भी दूसरी स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दरों के मुकाबले बेहतर है.