अतीक ने कोर्ट में एक अपील दायर की थी जिसमें उसने साबरमती जेल से न हटाए जाने की बात की थी। आखिर क्यों ये डॉन साबरमती जेल में इतना सुरक्षित महसूस करता है। ऐसा क्या है साबरमती जेल में जो ये इस जेल को नहीं छोड़ना चाहता। अतीक अहमद ही नहीं कई और अपराधियों की फेवरेट हुआ करती है ये जेल।
अतीक अहमद के अलावा इंडियन मुजाइद्दीन का चीफ यासिन भटकल भी साबरमती जेल में रह चुका है। अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट का दोषी सफदर नागोरी भी काफी सालों तक इसी जेल में बंद रहा। बिहार के फजलू रहमान जिसपर अडानी के किडनैपिंग के आरोप हैं वो भी इसी जेल में बंद है, लेकिन इतने बड़े-बड़े अपराधियों के होने के बावजूद इस जेल प्रशासन पर अक्सर आरोप लगते रहे हैं। आरोप कैदियों को पैसा देकर सुविधाएं देने के। आरोप मिलीभगत के। आरोप बड़े कैदियों के इशारे पर काम करने के।
साल 2020 में साबरमती जेल के अंदर से कैदियों की सेल्फी लेने के मामला सामने आया तो हर कोई चौंक गया। ये सेंट्रल जेल है जिसे हाइसिक्योरिटी माना जाता है। यहां बिना अनुमति न कोई प्रवेश कर सकता है और न ही मोबाइल या कैमरा ले जाया जा सकता है, लेकिन बावजूद इसके जेल के अंदर तीन कैदियों ने एक सेल्फी खींच डाली। इन तीन कैदियों में से जब दो कैदी जमानत पर रिहा हुए तो उन्होंने ये सेल्फी सोशल साइट् पर डाल दी जिसके बाद हड़कंप मच गया। सवाल यही था कि अति संवेदनशील जेल में सेल्फी कैसे खींची गई। सेल्फी खींचने के लिए कैदियों के पास मोबाइल कहां से आया।
इस हाईसिक्योरिटी जेल में ही मोबाइल किराए पर देने की बात भी सामने आई थी। दरअसल साल 2009 में जेल के अंदर दो कैदियों के बीच मारपीट हो गई थी। जयेश ठक्कर और विशाल नायक नाम के दो कैदी आपस में भीड़ गए थे। बाद में जेलकर्मी जब इन्हें छुड़ाने पहुंचे तो विशाल ने पुलिस पर भी हमला कर दिया जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। विशाल ने इसी दौरान खुलासा किया कि वो जेल में अमीर कैदियों को 15 हजार रुपये में मोबाइल किराए पर देता है।
कहने को तो इस जेल में जामर लगा हुआ है। संवेदनशील जेल होने के बावजूद यहां सिक्योरिटी को पुख्ता इंतजामों की बात होती है, लेकिन अक्सर यहां से बड़े अपराधियों के बाहरी दुनिया से कनेक्शन सामने आए हैं। जेल में कई बार मोबाइल मिलने की खबरे सामने आई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस जेल में कैदियों के पास कई सिम और मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। अभी पिछले साल ही 13 अगस्त के दिन जब प्रशसान ने जेल में रेड की तो एक गैंगस्टर अजहरुद्दीन शेख उर्फ अजहर कितली के पास से सैमसंग का एक मोबाइल बरामद हुआ था। शायद यही वजह है कि कैदी इस जेल में रहना मुनासिब समझते है ताकि वो जेल में बंद रहकर भी अपनी नेटवर्किंग कर सकें।