हनुमान मंत्र के जाप से जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन होते हैं. मन्त्रों के विधिवत जाप से असाध्य रोगों से छुटकारा, जीवन में खुशहाली, दुश्मनी का अंत, गरीबी से छुटकारा, इत्यादि जैसे अनेक लाभ होते हैं. हनुमान जयंती पर मन्त्र फल के अनुसार किसी भी मन्त्र का सही तरीके के जप करना फलदायी होता है l मन्त्र का जप 108 बार करना चाहिए l जप के लिए मूंगे की माला या रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करना चाहिए l मंदिर में जप करना उत्तम होता है परन्तु यदि मंदिर में संभव ना हो तो घर में भी जप कर सकते है l लेकिन जप हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने ही करना चाहिए l जप शुरू करने के पूर्व घी का अखंड दीपक जलाकर, धुप और नैवैध्य अर्पित करना चाहिए l जप समाप्त होने पर आरती करनी चाहिए l
जानिए हनुमान जी के कुछ शक्तिशाली मन्त्र और उनके फल –
- ‘ॐ दक्षिणमुखाय पच्चमुख हनुमते करालबदनाय।’
आने वाली विपत्तियों और परेशानियों का सामना करने की शक्ति पाने के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है. - ‘नारसिंहाय ॐ हां हीं हूं हौं हः सकलभीतप्रेतदमनाय स्वाहाः।’
भूत प्रेत जैसी बाधाओं से छुटकारा पाने के लिए हनुमान जी के इस मंत्र का जाप किया जाता है. - ‘ॐ पूर्वकपिमुखाय पच्चमुख हनुमते टं टं टं टं टं सकल शत्रु सहंरणाय स्वाहा।’
दुश्मनों की चालों से बचने के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए. - ‘ऊं हं हनुमते नम: ।’
परम शक्तिशाली हनुमान जी की कृपा पाने के लिए लोग इस मंत्र का जाप करते है. इस मंत्र का उचित ढंग से जाप करने पर हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं. - ‘ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकायं हुं फट्।’
अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है. शनिवार के दिन शुद्ध होकर सात्विक मन से कम से कम 108 बार इस मंत्र का स्फटिक की माला से जाप करें. हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होकर मनोकामना पूर्ण करेंगे. - ‘ॐ हं पवननन्दनाय स्वाहा।’
घर में सुख, शांति, और खुशहाली लाने के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए. हनुमान जी प्रभु श्री राम का नाम लेकर हर परिस्थिति में प्रसन्न रहते है. हमें अपने जीवन में वैसी ही प्रसन्नता का संचार करने के लिए बजरंगबली पर पूर्ण विश्वास के साथ इस मंत्र का जाप करना चाहिए. - ‘ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा।’
अगर कोई असाध्य रोग हो, या किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हो, वंशानुगत रोग हो, या अन्य किसी किसी प्रकार का रोग हो, तो यह मंत्र अत्यंत फलदायक होता है. शुद्ध शरीर और मन से इसका जाप करने से उचित परिणाम मिलते है. - ‘ॐ नमो हरि मर्कट मर्कटाय स्वाहा।’
अगर शत्रु (दुश्मन) बलशाली हो गया हो, अगर उसकी शक्ति आपसे ज्यादा हो गई हो, तो इस मंत्र का जाप करके आप अपने बल को शत्रु से ज्यादा बढ़ा सकते हो. इस मंत्र का जाप करने से पहले आप यह तय कर लें कि आपका रास्ता अन्याय का ना हो. महाबली हनुमान जी को सत्य और न्याय का मार्ग प्रिय है.