
कलेक्टर सुश्री प्रियंका ऋषि महोबिया एवं पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल की मौजूदगी में जीपीएम पुलिस के अधिकारियों जवानों द्वारा कानून व्यवस्था के मद्देनजर स्थिति से निपटने मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया जिसे पुलिस की शब्दावली में “बलवा ड्रिल” भी कहा जाता है ।
पुलिस अधीक्षक पटेल द्वारा विपरीत परिस्थितियों पर उग्र हो रहे प्रदर्शनकारी/दंगाईयों से कैसे निपटे और शांति व्यवस्था कैसे नियंत्रित करें । इस संबंध में अपने मातहतों को विस्तारपूर्वक समझाया गया। बलवा ड्रिल में वास्तविकता लाने एसपी श्री पटेल के निर्देशन पर आर.आई.रामप्रसाद पैकरा द्वारा पुलिसकर्मियों की दो पार्टियां बनाई गई । एक पार्टी को प्रदर्शनकारी/दंगाई बनाया गया था तथा एक पुलिस पार्टी में मजिस्ट्रेट, डॉक्टर, पुलिस आर्म्स पार्टी सहित अलग-अलग पार्टियां बनाई गई थी।
बलवा ड्रिल में बकायदा प्रदर्शनकारी एवं प्रशासन व पुलिस के मध्य चर्चा, समझाईश दिखाया गया । जब दोनों पक्षों के बीच बातचीत से समाधान नहीं हुआ और प्रद्रर्शनकारी/दंगाई उग्र होकर कानूनों का उल्लंघन करने लगे तब पुलिस पार्टी अश्रु गैस व अन्य दंगा नियंत्रण उपकरण एवं शस्त्रों का प्रयोग प्रद्रर्शनकारी/दंगाईयों को नियंत्रित किया गया ।
इस दौरान प्रद्रर्शनकारी/दंगाईयों के हमले से घायल पुलिसकर्मियों का बचाव का अभ्यास जवानों द्वारा किया गया।एसपी योगेश पटेल द्वारा बलवा ड्रिल में पाई गई खामियों पर विस्तृत रूप से पुलिसकर्मियों को समझाया गया और आने वाले दिनों में इसका अभ्यास कर सुधार करना बताये। बलवा ड्रिल में अतिरिक्त कलेक्टर बी एक्का,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा,अनुविभागीय दंडाधिकारी गौरेला पुष्पेंद्र शर्मा, मरवाही आनंद मोहन तिवारी,उप पुलिस अधीक्षक अशोक वाडेगावकर एवं आई तिर्की तहसीलदार सोनू अग्रवाल रक्षित केंद्र,थाना गौरेला,पेंड्रा का स्टाफ सहित जिला अस्पताल का मेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।