पुलवामा।पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में वायु सेना ने 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर पर बमबारी की थी। बता दें की वायु सेना प्रमुख एयरोस्?पेस ताकत भविष्य की युद्ध क्षेत्र गतिविधियों की धुरी विषय पर मार्शल ऑफ द एयर फोर्स अर्जन सिंह समृति सेमिनार में बोल रहे थे।इस दौरान उन्होंने वायुसेना की ताकत बताते हुए कहा कि मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर परमाणु हमले के दौरान भी हालात को नियंत्रण में रखा जा सकता है।एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा कि आधुनिक युद्ध में सबसे पहले एवं सबसे दूर तक पहुंचना और पहले व सटीकता से हमला करना आधुनिक युद्ध लडऩे का मूलमंत्र होगा।
अपने स्वाभाविक लचीलेपन और बेजोड़ सटीक मारक क्षमता के कारण वायु सेना आक्रमण का पहला विकल्प बन गई है। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा चिंताओं के दृष्टिगत देश के पास प्रतिरोध, सूचना प्रभुत्व सुनिश्चित करने और जरूरत पडऩे पर बल प्रयोग में सक्षम पर्याप्त सैन्य ताकत होना अनिवार्य है।एयर चीफ मार्शल ने कहा कि हमें अस्थिरता का मुकाबला शांति और दृढ़ता से करना होगा। उन्होंने आगे यह भी कहा कि आने वाले युद्धों में प्रौद्योगिकी की भूमिका लगातार बढ़ती जाएगी। हमें सीएमओएस सेंसर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता और मानव रहित एवं मानव दोनों को साथ लाने वाली प्रौद्योगिकी का उपयोग करना होगा।उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि नई प्रौद्योगिकी में लोगों की अहम भूमिका है। कोई भी स्वचालन तब तक कारगर नहीं हो सकता जब तक इसे संभालने के लिए प्रशिक्षित, तुरंत निर्णय लेने में सक्षम और तकनीकी रूप से मजबूत पेशेवर नहीं हों।