इतिहास के पन्नों में मशहूर टीपू सुल्तान की बेडचेंबर तलवार को बोनहम्स ने लंदन में नीलाम किया है. यह नीलामी मंगलवार को की गई है. इस तलवार से शराब कारोबारी और भगोड़े विजय माल्या का बेहद खास रिश्ता था. एक वक्त था जब यह तलवार विजय माल्या के कलेक्शन में शुमार हुआ करती थी. हालांकि 2018 में लंदन हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान माल्या के वकील ने कहा था कि अब तलवार के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
इस तलवार को विजय माल्या ने 2004 में खरीदा था. उस वक्त माल्या ने इस तलवार को डेढ़ करोड़ में खरीदा था. अब करीब 19 साल बाद इस तलवार की नीलामी की गई है जिसे 145 करोड़ में बेचा गया है. 2016 में विजय माल्या की ग्लोबल एसेट पर फ्रीज ऑर्डर जारी करने के खिलाफ 13 भारतीयों बैंकों के यूनियन ने लंदन हाई कोर्ट को मनाने का प्रयास किया था.माल्या के परिवार के लिए बेडलक लेकर आई तलवारइस मामले में बाद में माल्या ने कोर्ट में कहा था कि यह तलवार उसके परिवार के लिए बेडलक लेकर आई हैं, इसलिए उसने वह तलवार दे दी है.
ग्रुप ने पिछले और फिलहाल जिसने तलवार खरीदी है उनकी पहचान बताने से इनकार किया है. बोनहम्स की सेल कॉर्डिनेटर एनरिका मेडुग्नो ने कहा कि वह सेलर्स की पहचान बताने में असमर्थ हैं, क्योंकि यह उनकी पॉलिसी के खिलाफ है.जिस तलवार को विजय माल्या ने खरीदा था, और जो तलवार मंगलवार को नीलाम की गई थी उसमें एक ही तरह का शिलालेख लिखा हुआ था. तलवार मेजर जनरल बेयर्टड को भी तोहफे में दी गई थी उस पर भी शमशीर ए मलिक लिखा हुआ था. हाल ही में बेची गई टीपू सुल्तान की तलवार पर भी यह लेख दिखाई दे रहा है.
तलवार पर जो लेख उकेरा हुआ है वह बिलकुल उसी तरह का है जो कि माल्या ने 2004 में खरीदी थी उस पर लिखा हुआ था.4 मई 1799 को श्रीरंगपटम पर हमले के दौरान मेजर जनरल बेयर्ड ने सेना का नेतृत्व किया था, इस युद्ध में टीपू सुल्तान की मौत हो गई थी. ब्रिटिश आर्मी ने श्रीरंगपटम पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद जब टीपू के बेड चेंबर को देखा गया तो वहां पर यह तलवार मिली थी.
इस तलवार को मेजर जनरल बेयर्ड को भेंड किया गया था.तलवार की स्पाइन पर लिखा हुआ है शमशीर ए मलिक, इसका मतलब है राजा की तलवार. इसके नीचे तक लिखा है, या अल्लाह! या नासिर! या फतेह! या नासिर! या मुईन! या जहीर! ऐ अल्लाह! ऐ मददगार! ऐ सदाबहार! ऐ ऐडर! ऐ सहायक! ऐ एविडेंट!.