रायपुर:- भारत में तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों से हर साल 13 लाख से ज्यादा लोगों की मौत होती है। इनमें से दस लाख मौतें धूम्रपान करने के कारण से होती है और शेष धूम्रपान रहित (गुटका, खैनी दन्त मंजन) तम्बाकू के कारण होती है। विश्व के कुल कैंसर रोगियों मे से आधे रोगी भारत मे हैं। 2003 कानून में संशोधन करके हम भारत में हर साल हो रही लाखों मौतों को रोक सकते है। अतः केन्द्रीय सरकार से हमारा निवेदन है कि कोटपा कानून को और मजबूत करें, जो देश के नवजवानों, के हित मे है क्योंकि धूम्रपान और शेष धूम्रपान रहित (गुटका खैनी दन्त मंजन) तम्बाकू के प्रयोग के प्रति इसी उम्र के लोग अधिक आकर्षित हो रहे है।
मैं अखिलेश द्विवेदी खबरों का उजाला मैग्जीन के तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख माड़विया से अपील करता हु, कि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद बनाने के लिए (निषेध विज्ञापन व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति, विनियमन वितरण अधिनियम 2003 में कुछ संशोधन किये जाये और उसे मजबूत बनाया जाए। जिसमें निम्न पाँच मुख्य संशोधन का आग्रह किया गया। हवाई अड्डों, होटलों और रेस्तरां से चिन्हित धूम्रपान क्षेत्र हटाया जाये, तम्बाकू उत्पाद खरीदने की कानूनी उम्र 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष की जाये, खुदरा दुकानों पर तंबाकू के विज्ञापन ना दिखायें जाए, खुली सिगरेट और बीड़ी की बिक्री पर रोक लगाई जाए मौजूदा तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के उल्लंघन के लिए दंड और जुर्माना बढ़ाया जाए। जिससे तंबाकू के उपयोगकर्ताओं मे कमी आएगी और विशेष करके युवाओं को इस नसे से मुक्त करके उनके जीवन मे नई उम्मीद जगाई जा सके। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ने अन्तर्राज्यीय बस टर्मिनल भाठागांव और रेल्वे स्टेशन रायपुर के मुख्य प्रवेश द्वार क्रमांक-2 में एक दिन के लिए नशा मुक्ति आध्यात्मिक प्रदर्शनी आयोजित की। अन्तर्राज्यीय बस टर्मिनल भाठागांव में आयोजित नशा मुक्ति आध्यात्मिक प्रदर्शनी का उद्घाटन लोकसभा सांसद सुनील सोनी, निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी और रायपुर सेवाकेन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने किया। साथ ही रेल्वे स्टेशन में आयोजित प्रदर्शनी का शुभारम्भ मुख्य स्टेशन प्रबन्धक सी. एस. महापात्र भी मौजूद रहे
सांसद सुनील सोनी ने स्पीच देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज बनाने के लिए लोगों को नशामुक्त बनाना जरूरी है। विशेषकर तम्बाकू से होने वाले नुकसान के बारे में सचेत करके ही लोगों को इसके सेवन से बचाया जा सकता है। इस दिशा में ब्रह्माकुमारी आश्रम की बहनों ने नशामुक्ति आध्यात्मिक प्रदर्शनी का आयोजन कर सराहनीय प्रयास किया है मैं उन्हें बधाई देना चाहता हूँ।
निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से नशाखोरी के कारण व्यक्ति और समाज पर उसके दुष्प्रभाव तथा उसके निवारण के बारे में वैज्ञानिक ढंग से विश्लेषण किया गया है। अन्तर्राज्यीय बस टर्मिनल में प्रतिदिन हजारों लोगों का आना-जाना होता है, ऐसे में इन जगहो पर नशा मुक्ति आध्यात्मिक प्रदर्शनी का आयोजन करने से निश्चित रूप से हजारों यात्रियों को प्रेरणा मिलेगी।
डीएसपी सुरेश ध्रुव ने कहा कि तम्बाकू और उसके उत्पाद का शरीर और मन पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है। जन जागरूकता के लिए यह सराहनीय प्रयास है।
रेल्वे के मुख्य स्टेशन मैनेजर सी. एस. महापात्र ने कहा कि नशामुक्ति प्रदर्शनी में सुन्दर ढंग से नशे के दुष्प्रभाव के बारे में सचेत किया गया है। बहनों ने अच्छी तरह से व्याख्या करके समझाया। प्रदर्शनी सराहनीय है।
ब्रह्माकुमारी संस्थान की रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविताा दीदी ने कहा कि हमारा शरीर एक मन्दिर के समान है जिसमें चैतन्य आत्मा विराजमान रहती है, अत: हमें दुव्र्यसनों का सेवन कर इस मन्दिर को अपवित्र नही करना चाहिए। उन्होने अभिभावकों को सुझाव देते हुए कहा कि अपने बच्चों के लिए प्रतिदिन समय निकालकर थोड़ा समय उनके साथ व्यतीत करें, घर में नशे की कोई भी सामग्री नही रखें और स्वयं व्यसनों से मुक्त रहकर अपने बच्चों के आगे अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करें।