: ओडिशा के बालासोर में बहनागा के पास भयानक रेल हादसा हो गया. तीन ट्रेनें (हावड़ा-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस, यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस और मालगाड़ी) आपस में एक-दूसरे से टकरा गई. इस हादसे में 200 से ज्यादा लोगों मौत हो चुकी है जबकि 900 से अधिक लोग घायल हुए हैं. हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है. राज्य सरकार की ओर से शनिवार सुबह 7 बजे तक हादसे में मरने वालों की संख्या 233 बताई गई थी.
इस घटना के बाद सबके जेहन में एक ही सवाल है यह दर्दनाक हादसा आखिर कैसे हुआ? क्योंकि शुरुआत में यह कहा जा रहा था कि कोरोमंडल एक्सप्रेस मालगाड़ी से टकरा गई. मगर जांच के बाद रेलवे ने बताया कि तीन ट्रेनें आमने-सामने की बजाय अगल-बगल टकरा गईं. इसी वजह से ये भयानक हादसा हुआ.कैसे आपस में टकराईं 3 ट्रेनें?दिल्ली रेलवे हेडक्वार्टर के मुताबिक, कोरोमंडल एक्सप्रेस शालीमार स्टेशन से चेन्नई के लिए रवाना हुई थी. ट्रेन जब ओडिशा के बहनागा बाजार स्टेशन पहुंची तो यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस विपरीत दिशा से आ रही थी. सुपरपास्ट कोरोमंडल एक्सप्रेस तेज गति से चल रही थी. हालांकि जसवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस की रफ्तार ज्यादा नहीं थी.
जैसे ही दोनों ट्रेनें एक दूसरे के बगल से गुजर रही थीं.ऐसे पटरी से उतरी कोरोमंडल एक्सप्रेसइस दौरान यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस पटरी से उतर गई और कोरोमंडल एक्सप्रेस को साइड से टक्कर मार दी. इस टक्कर की वजह हाई स्पीड कोरोमंडल एक्सप्रेस भी पटरी से उतर गई. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक कोरोमंडल एक्सप्रेस के बगल में पटरी पर एक और मालगाड़ी थी. पटरी से उतरी कोरोमंडल एक्सप्रेस ने उस मालगाड़ी को भी टक्कर मार दी.
मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया कोरोमंडल एक्सप्रेस का इंजनइसके बाद ये हुआ कि कोरोमंडल एक्सप्रेस का इंजन मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया. रेलवे ने कहा कि जिस रफ्तार से कोरोमंडल एक्सप्रेस और यशवंतपुर एक्सप्रेस दोनों ट्रेनें आमने-सामने चल रही थीं. एक ट्रेन कभी भी दूसरी ट्रेन के ऊपर नहीं चढ़ती. इसके बाद रेलवे के इंजीनियर मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की.
कोई ट्रेन आमने-सामने नहीं टकराई थीप्रारंभिक जांच के बाद उन्होंने महसूस किया कि कोई ट्रेन आमने-सामने नहीं टकराई थी. हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि यशवंतपुर एक्सप्रेस ट्रेन कैसे पटरी से उतरी. हादसे के बाद रेलवे की जांच कमेटी के सदस्य भी घटनास्थल पर पहुंचे.