वर्ष 2023 में सावन कई कारणों से विशेष होगा। 19 वर्ष के बाद खास तरह के योग इसमें बन रहे हैं। सावन के साथ अधिमास होने से इसे दोहरे सावन का नाम मिला हुआ है। इस पूरी अवधि में चार एकादशी, चार प्रदोष और आठ सोमवार होंगे। इन तिथियों में भक्तों के द्वारा भगवान शिव के साथ विष्णु की पूजा-अर्चना की जाएगी। मान्यताओं के अनुसार यह सब शुभ फलदायक माना गया है। 4 जुलाई से सावन का शुभारंभ हो रहा है। इसके लिए कोरबा नगर के साथ-साथ उपनगरीय क्षेत्र और अंचल के शिवालयों में आवश्यक तैयारियां की जा रही है।
। सावन में जुटने वाली भक्तों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए कई स्तर पर काम किये जा रहे हैं। भगवताचार्य पं. दशरथ नंदन द्विवेदी ने बताया कि इस बार कुल 8 सोमवार सावन मास में आ रहे हैं। जबकि चार अवसर पर एकादशी और इतने ही बार प्रदोष व्रत भी होंगे। सावन में इनकी भी अपनी विशेष महत्ता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 के बाद 19 वर्ष की प्रतीक्षा के बाद शुद्ध सावन मास 28 दिन का हो रहा है जबकि 18 जुलाई से 16 अगस्त तक अधिमास होगा इसे प्रथम और द्वितीय सावन की संज्ञा दी गई है।
इस तरह से कुल 58 शुभ दिनों में कई विशेष योग अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। बताया गया कि सावन के प्रथम और द्वितीय कालखंड में 11 दिन रवि और 10 दिन सर्वाद्ध सिद्धि योग के होंगे। भगवान शिव की उपासना और इसे पुण्य फल की प्राप्ति के लिए सबसे बेहतर अवसर माना गया है। इन तिथियों में सोमवार प्रथम सावन मास में 10 जुलाई, 17 जुलाई, 24 जुलाई और 31 जुलाई को सोमवार उपस्थित हो रहें हैं जबकि द्वितीय सावन में 7, 14, 21 और 28 अगस्त को सोमवार पड़ेंगे। वहीं 15 और 30 जुलाई को पहले मास में प्रदोष की उपस्थिति होगी जबकि दूसरे मास में 13 और 28 अगस्त को इनका योग बन रहा है।