सीमा हैदर और सचिन मीणा के पबजी वाले प्यार की कहानी पिछले दो महीने से मीडिया में छाई हुई है. इस प्रेम कहानी को कोई सच्ची मोहब्बत का नाम दे रहा है तो कोई इसे साचिश बता रहा है. हालांकि सचिन के गांव रबूपुरा में रहने वाले उसके पड़ासी इस पर अलग-अलग बात कर रहे हैं. इस पूरी प्रेम कहानी में कोई उसके साथ है तो कोई उसके विरोध में खड़ा है. इन्हीं में से एक उनकी पड़ोसी मिथिलेश भाटी हैं.
मिथिलेश ने जब से सचिन मीणा को ‘लप्पू’ और ‘झींगुर’ बोला है तब से ही वो चर्चा में हैं. मिथिलेश ने कहा, चार बच्चों के होने के बाद प्यार की गुंजाइश नहीं बचती है. उन्होंने कहा कि सीमा हैदर और सचिन में कोई प्यार नहीं है.मिथिलेश ने कहा मैंने तो यूं ही सचिन मीणा को ‘लप्पू’ और ‘झींगुर’ बोला था लेकिन अब इस पर गाने भी बन रहे हैं और लोग डायलॉग बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि सचिन पर दिए बयान से पहले भी मुझे लोग पहचानते थे और आज और ज्यादा लोग पहचान रहे हैं.
मिथिलेश ने कहा कि मेरे डायलॉग के कारण मेरी जिंदगी में बहुत सा बदलाव आया है. मैं एक आशा वर्कर हूं और मुझे वहां से 2 हजार मिलते हैं. मुझे नहीं पता कि मेरी नौकरी रहेगी या नहीं. मैं दुनिया पर भी कमेंट मारती रहती हूं.सचिन तो बालक जैसा है, कहीं ऐसे प्यार होता हैमिथिलेश ने कहा कि सचिन तो बालक जैसा है. ऐसा कहीं होता है कि महिला की उम्र 35 साल की हो और लड़के की उम्र 17 साल हो और दोनों में प्यार हो जाए. सचिन और सीमा की लव स्टोरी कुछ ऐसी ही है.
पता नहीं सीमा को इतना टाइम कैसे मिल गया कि उसे भारत में रहने वाले सचिन से प्यार हो गया. मथिलेश ने कहा कि ऐसा कहीं भी नहीं होता किए चार बच्चों की मां को प्यार हो जाए.मैं सचिन और सीमा के प्यार के खिलाफ नहींमिथिलेश ने कहा कि मैं सचिन और सीमा के प्यार के खिलाफ नहीं हूं. मैं उस तरीके पर नाराज हूं जिस तरीके से सीमा हैदर, भारत में दाखिल हुई है.
उन्होंने कहा कि सीमा का प्यार अगर असली था तो उसे वीजा लेकर भारत आना चाहिए था. जिस तरह से सीमा भारत में आई है, उससे शक तो बनता ही है. उन्होंने कहा कि मुझे अपनी जांच एजेंसी पर पूरा यकीन है. बहुत जल्द सबकुछ साफ हो जाएगा.
