Close Menu
Tv36Hindustan
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram Vimeo
    Tv36Hindustan
    Subscribe Login
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Tv36Hindustan
    Home » इसरो जल्द ही सूरज के बारे में जानने के लिए एक मिशन की शुरुआत कर रहा…
    शीर्ष आलेख

    इसरो जल्द ही सूरज के बारे में जानने के लिए एक मिशन की शुरुआत कर रहा…

    By Tv 36 HindustanAugust 17, 2023No Comments5 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn VKontakte Email Tumblr
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नईदिल्ली I चांद के बाद अब सूरज की अनसुलझी गुत्थी को सुलाझाने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) पूरी तरह तैयार है. दरअसल इसरो जल्द ही सूरज के बारे में जानने के लिए एक मिशन की शुरुआत कर रहा है. इस सोलर मिशन का नाम है आदित्य एल-1.जल्दी ही अंतरिक्ष में आदित्य L-1 नाम की ऑब्जर्वेटरी को भेजा जाएगा. इसे लॉन्च कब किया जाएगा इसकी तारीख तो फिलहाल तय नहीं की गई है. लेकिन पीटीआई ने इसरो के एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि इस मिशन को सितंबर के पहले हफ्ते में लॉन्च किया जा सकता है.

    आदित्य L-1 स्पेसक्राफ्ट को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा.क्या है आदित्य एल 1आदित्य एल-1 सूरज के रहस्यों का अध्ययन करने वाला भारत का पहला मिशन होगा. ये स्पेसक्राफ्ट लॉन्च किए जाने के पूरे चार महीने बाद सूरज-पृथ्वी के सिस्टम में लैगरेंज पॉइंट-1 (L-1) तक पहुंचेगा, जो कि धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर है. लैगरेंज प्वाइंट 1 (एल-1) के चारों तरफ एक हेलो ऑर्बिट में होने के कारण इस प्वाइंट पर सूरज के ग्रहण का असर नहीं पड़ता. जिसके कारण वहां पर आसानी से शोध किया जा सकेगा.

    अब ये लैगरेंज प्वाइंट क्या हैलैगरेज प्वाइंट अंतरिक्ष के उस जगह को कहा जाता है, जहां किसी ऑब्जेक्ट को रखा जाए तो वहां से वह किसी जगह नहीं जा सकता है. इस प्वाइंट पर दो बड़ी चीजों के बीच उतना ही गुरुत्वाकर्षण हो पाता है, जितना उन दोनों चीजों के बीच मौजूद छोटे ऑब्जेक्टस को हिलाया डुलाया जा सके. इसके लिए भी अप केंद्रीय बल की जरूरत होती है. इसरो के एक ट्वीट के अनुसार आदित्य एल-1 फिलहाल आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट पहुंच चुका है. आदित्य एल-1 को इसरो के यूआर राव सैटेलाइट सेंटर में बनाया गया है और इसकी लॉन्चिंग सितंबर के पहले हफ्ते में की जा सकती है.

    अब समझते हैं कि आखिर ये मिशन आदित्य L-1 काम कैसे करेगा इस मिशन में स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष में सात पेलोड लेकर जाएगा जो कि इलेक्ट्रोमैग्नेट, पार्टिकल और मैग्नेटिक फील्ड डिटेक्टर्स की मदद से फोटोस्फियर, क्रोमोस्फियर और सूरज की बाहरी परतों की स्टडी करेंगे. लैगरेंज प्वाइंट यानी L-1 से चार पेलोड सीधे सूरज को देखेंगे और तीन वहीं पर रुककर पार्टिकल्स और फील्ड पर रिसर्च करेंगे. आदित्य L-1 सोलर कोरोना और उसके हीटिंग मैकेनिज्म की स्टडी करेगा.आदित्य एल-1 में कुल सात उपकरणआदित्य एल-1 में कुल सात उपकरण हैं.

    उन उपकरणों के नाम वीइएलसी, सूट, एसपीइएक्स, पापा, सोलेक्स, हेल10एस और मैग्नेटोमीटर हैं. इस स्पेसक्राफ्ट को एलएमवी एम-3 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा और ये अंडाकार कक्षा में बढ़ेगा. इसकी तैनाती 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर L-1 के पास होलो ऑर्बिट में की जाएगी. ये वही जगह है जहां से हर वक्त सूरज दिखाई देता है.

    इन मिशन को पूरा करने वाले देशों में अमेरिका, जर्मनी, यूरोपियन स्पेस एजेंसी शामिल है. सबसे ज्यादा मिशन नासा ने भेजे हैं. नासा ने सबसे पहली बार साल 1960 में सूर्य पर मिशन पायोनियर-5 तहत स्पेसक्राफ्ट भेजा था. इसके बाद साल 1974 में जर्मनी ने अपना पहला सूर्य मिशन नासा के साथ मिलकर भेजा था. यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने भी नासा के साथ मिलकर ही अपना पहला सूर्य मिशन साल 1994 में भेजा था.

    नासा ने अकेले 14 मिशन सूर्य पर भेजे हैं. इनमें से 12 सूर्य के ऑर्बिटर तक का मिशन रहा. यानी सूरज के चारों तरफ चक्कर लगाते हैं. एक मिशन फ्लाईबाई है. नासा के पार्कर सोलर प्रोब नाम के एक व्यक्ति ने सूर्य के आसपास से 26 बार उड़ान भरी है. नासा ने साल 2001 में जेनेसिस मिशन लॉन्च किया था. इसका मकसद था सूरज के चारों तरफ चक्कर लगाते हुए सौर हवाओं का सैंपल लेना.

    इसरो का लक्ष्य अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान और ग्रहों की खोज को आगे बढ़ाना और राष्ट्रीय विकास के लिये अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना है. इस एजेंसी की स्थापना साल 1960 में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के संस्थापक डॉ. विक्रम साराभाई ने की थी. उस वक्त भारत में पहली बार किसी अंतरिक्ष अनुसंधान गतिविधियों की शुरुआत की गई थी.एक महीने पहले ही चांद के और करीब पहुंचा चंद्रयान-3अभी एक महीने पहले ही यानी 14 जुलाई को इसरो ने श्री हरिकोटा से चंद्रयान लॉन्च किया था और लॉन्च के 1 महीने बाद यानी 14 अगस्त को जानकारी मिली की चंद्रयान-3 चांद के और करीब पहुंच गया है.

    लॉन्चिंग के एक महीने बाद सोमवार (14 अगस्त) को चंद्रयान-3 की चांद के चौथे ऑर्बिट में एंट्री हो गई और 150 km x 177 km वाली कक्षा में चक्कर लगा रहा है. इसरो ने भी ट्विटर (X) पर इस संबंध में एक पोस्ट किया है. इसरो ने ट्वीट में लिखा, ‘चंद्रयान-3 ने कक्षा घटाए जाने का एक और चरण सफलतापूर्वक पूरा किया, चंद्रमा की निकटवर्ती कक्षा में पहुंचा.’भारत बन जाएगा चौथा देशचंद्रयान -3 मिशन के तीन महत्वपूर्ण सीक्वेंस हैं. पहल हिस्सा धरती पर केंद्रित है, दूसरा चांद के रास्ते और तीसरा चांद पर पहुंचना.

    इन तीनों स्टेज के पूरा होते ही लैंडर प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग हो जाएगा. इसके बाद लैंडर चांद की सतह पर उतरने की प्रक्रिया शुरू करेगा. अगर भारत इसमें कामयाब हो जाता है तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बन जाएगा. लैंडिंग करने की जगह आने वाले दिनों में तय की जाएगी.इसरो का एक और खास प्रयोगबता दें कि इसरो की ओर से जल्द ही भारत के स्पेस शटल ‘रीयूजेबल लॉन्च व्हीकल’ (RLV-TD) का लैंडिंग प्रयोग किया जाएगा. इसरो अध्यक्ष सोमनाथ ने इस प्रयोग की तारीख 28 जनवरी बताई है.

    इस स्पेस शटल को भविष्य में अंतरिक्ष में सैटेलाइट भेजने के लिए तैयार किया जा रहा है. यह ऐसा यान होगा, जो सामरिक दृष्टि से भी भारत के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा.

    Post Views: 0

    Hindi khabar Hindi news hindinews india Today latest news Today news
    Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email Tumblr
    Previous Articleछत्तीसगढ़ IAS के ट्रांसफर पर लगी रोक, सामने आई ये वजह
    Next Article ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में रॉबर्ट वाड्रा को मिली अग्रिम जमानत को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी….
    Tv 36 Hindustan
    • Website

    Related Posts

    क्या आप जानते हैं फल खाने का भी होता है सही समय ये गलत आदतें बन सकती हैं बीमारी की वजह…

    March 18, 2026

    कल गुड़ी पड़वा के दिन ये गलतियां पड़ेगी बहुत भारी पढ़िए और गांठ बांध लें…

    March 18, 2026

    मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने सीएम से की मुलाकात..

    March 18, 2026

    जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वालों पर की जाए कड़ी कार्यवाही सीएम साय…

    March 18, 2026

    Comments are closed.

    Ads
               
               
    × Popup Image
    -ADS-
    -Ads-
    Ads
    Ads
    About
    About

    tv36hindustan is a News and Blogging Platform. Here we will provide you with only interesting content, and Valuable Information which you will like very much.

    Editor and chief:- RK Dubey
    Marketing head :- Anjali Dwivedi
    Address :
    New Gayatri Nagar,
    Steel Colony Khamardih Shankar Nagar Raipur (CG).

    Email: tv36hindustan01@gmail.com

    Mo No. +91 91791 32503

    Recent Posts
    • क्या आप जानते हैं फल खाने का भी होता है सही समय ये गलत आदतें बन सकती हैं बीमारी की वजह…
    • कल गुड़ी पड़वा के दिन ये गलतियां पड़ेगी बहुत भारी पढ़िए और गांठ बांध लें…
    • मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने सीएम से की मुलाकात..
    • जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वालों पर की जाए कड़ी कार्यवाही सीएम साय…
    • सरके चुनर तेरी सरके’ विवाद अश्लीलता के आरोपों के बाद गाने पर लगा बैन, संसद तक गूंजी बहस, नोरा फतेही ने भी तोड़ी अपनी चुप्पी…
    Pages
    • About Us
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Home
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2026 tv36hindustan. Designed by tv36hindustan.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?