छत्तीसगढ़ के 2018 के विधानसभा चुनाव में 15 साल की एंटी इनकमवेंसी और घोषणा पत्र के कारण कांग्रेस (Congress) ने बीजेपी (BJP) को अंडर 20 में समेट दिया था, लेकिन 2023 चुनाव के पहले ही विधानसभा टिकट को लेकर कांग्रेसियों में आपसी खींचतान नजर आ रही है. छत्तीसगढ़ की दूसरी हाई प्रोफाइल अम्बिकापुर (Ambikapur) विधानसभा में टिकट के दावेदारों की संख्या हैरान कर देने वाली है, जबकि यहां से डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव (TS Singh Deo) तीन बार से विधायक हैं.
दरअसल मामला कांग्रेस के दो गुटों में आपसी खींचतान का है. जिसकी वजह से दावेदारों की संख्या में प्रदेश में रिकार्ड बना दिया है. वहीं जिले के सीतापुर विधानसभा और लुंड्रा में भी चुनाव लड़ने के कई दावेदार सामने आ गए हैं. इस विधानसभा से कांग्रेस सरकार के डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव तीन बार से विधायक हैं. इस हाई प्रोफाइल सीट से मंगलवार सुबह सबसे पहले खाद्य मंत्री अमरजीत भगत गुट के नेता खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा ने टिकट के लिए आवेदन कियाअम्बिकापुर विधानसभाइसके बाद यूथ कांग्रेस से कई जिम्मेदार पदों पर रहे युवा नेता दानिश रफीक ने भी टिकट के लिए ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष को आवेदन दे दिया.
इसके बाद तो मानो विधायक बनने की होड़ मच गई और शाम तक अम्बिकापुर विधानसभा के लिए टीएस सिंहदेव समेत 100 से अधिक लोगों ने आवेदन कर दिए. माना जा रहा है कि टीएस सिंहदेव के रहते हुए अमरजीत भगत गुट की दावेदारी से टीएस सिंहदेव खेमे के लोग भड़क गए और फिर विधानसभा टिकट के लिए आवेदन देने का जो सिलसिला शुरू हुआ मानो मजाक बन गया. सीतापुर विधानसभाविधानसभा टिकट के लिए आवेदन करने का मंगलवार को अंतिम दिन था. कमोबेश खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की विधायकी वाली सीतापुर विधानसभा में भी 25 लोगों ने आवेदन दिया है, जिनमें सीतापुर ब्लाक कांग्रेस कमेटी के पास 15 आवेदन और उसी विधानसभा के दूसरे ब्लाक मैनपाट से 10 आवेदन आए हैं.
इन आवेदन में मौजूदा विधायक मंत्री अमरजीत भगत के साथ वरिष्ठ आदिवासी नेता फूल साय लकड़ा, प्रोफेशनल कांग्रेस अध्यक्ष की और रिटायर्ड महिला बाल विकास अधिकारी हमेंती प्रजापति के नाम प्रमुख हैं. लुंड्रा विधानसभासीतापुर के बाद ज़िले की दूसरी आरक्षित सीट लुंड्रा में आठ लोगों ने विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, जिसके लिए उन्होंने अपने अपने ब्लाक अध्यक्ष को आवेदन दिया है. इनमें लुंड्रा से विधायक डॉ प्रीतम राम, ज़िला पंचायत की अध्यक्ष मधु सिंह, गंगाराम पैकरा, पैलुष कूजूर जैसे नाम प्रमुख है. जिले की तीन विधानसभा में इतने दावेदार के सामने आने को कांग्रेस नेता पार्टी के भीतर मज़बूत लोकतंत्र को बात रहे हैं, लेकिन चर्चा तो ये है कि ऐसी परिस्थिति में पार्टी के भीतर चुनावी भीतरघात की संभावना बढ़ जाएगी.
