रीवा:- उम्मीदवारों का ऐलान होते ही पार्टी में बगावत के सुर भी सुनाई देने लगे हैं। गुना जिले की चाचौड़ा सीट में पूर्व विधायक ममता मीणा ने तो पार्टी को खुलेआम 15-20 दिनों में उम्मीदवार बदलने का समय दिया। अपने जन्मदिन के मौके पर सोमवार को उन्होंने शक्ति प्रदर्शन किया और सीधे कार्यकर्ताओं से पूछ लिया कि अगर कार्यकर्ता कहेंगे तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगी।
प्रियंका मीणा को उम्मीदवार बनाया है। प्रियंका मीणा, ममता मीणा से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गई थीं। भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी की पत्नी प्रियंका जहां प्रचार-प्रसार में जुट गई हैं, वहीं ममता शक्ति प्रदर्शन कर रही हैं। ममता के पति भी रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी हैं।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री रणवीर सिंह रावत भी विधानसभा के लिए दावेदारी कर रहे थे। रणबीर रावत के बेटे आदित्य ने तो सोशल मीडिया में पिता को नजरअंदाज करने की पोस्ट भी सोशल मीडिया में वायरल की थी।
छतरपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाई गई पूर्व मंत्री ललिता यादव का भी विरोध शुरू हो गया है। 2008 में भाजपा के टिकट से चुनाव हार चुकी अर्चना गुड्डू सिंह इस बार फिर टिकट चाह रही हैं। वे खुलेआम विरोध में रैलियां कर रही हैं।
देवास जिले की सोनकच्छ सीट से राजेश सोनकर को प्रत्याशी बनाया गया है। यहां से पूर्व विधायक राजेंद्र वर्मा ने इस पर आपत्ति जताई है।
लाल सिंह, 2018 में जाटव से हार गए थे। रणवीर जाट ने 2018 में कांग्रेस में रहते हुए पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य को हरा दिया था। हालांकि, 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे।
