रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। कांग्रेस ने इस बार टिकट बंटवारे से पहले नया पैंतरा अपनाया है। टिकट पाने की इच्छा रखने वाले दावेदारों को ब्लॉक प्रमुख के सामने आवेदन करना होगा। यह प्रक्रिया 26 अगस्त तक चलेगी। छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा में से केवल पांच ही ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहां से केवल एक ही दावेदार हैं।
ये राज्य की सबसे वीआईपी विधानसभा सीटों में से एक है। इस विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चुनाव लड़ते हैं। इस बार भी इस विधानसभा सीट से किसी दावेदार ने आवेदन नहीं किया है। ऐसे में तय है कि कांग्रेस एक बार फिर से इस सीट पर सीएम भूपेश बघेल ही चुनाव मैदान में उतरेंगे। बीजेपी ने यहां से अपना कैंडिडेट घोषित कर दिया है। इस सीट पर बीजेपी ने दुर्ग सांसद विजय बघेल को अपना उम्मीदवार बनाया है।
बस्तर संभाग की कोंटा विधानसभा सीट को कांग्रेस का अभेद गढ़ माना जाता है। इस सीट से कांग्रेस के सीनियर लीडर कवासी लखमा चुनाव लड़ते हैं। कोंटा विधानसभा सीट से अभी तक केवल कवासी लखमा ने टिकट के लिए की दावेदारी पेश की है। कांग्रेस के किसी दूसरे नेता ने इस सीट के लिए अपनी दावेदारी पेश नहीं की है। 1998 में कवासी लखमा यहां से पहली बार चुनाव जीते थे। इसके बाद से इस सीट पर वो अजेय हैं।
खरसिया विधानसभा सीट (रायगढ़ जिले की खरसिया विधानसभा सीट से उमेश पटेल विधायक हैं। उमेश पटेल, भूपेश बघेल की सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री हैं। इस सीट से भी कांग्रेस के किसी नेता ने अपनी दावेदारी पेश नहीं की है। यहां से केवल उमेश पटेल ही दावेदार हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि उमेश पटेल ही इस सीट से एक बार फिर से चुनाव लड़ेंगे।
भरतपुर-सोनहत विधानसभा सीट ,भरतपुर-सोनहत विधानसभा सीट भी राज्य की हाई प्रोफाइल विधानसभा सीटों में से एक है। यहां से कांग्रेस नेता गुलाब कमरो विधायक हैं। विधानसभा चुनाव 2023 के लिए इस सीट से कांग्रेस की तरफ से दूसरे किसी नेता ने अपनी दावेदारी पेश नहीं की है। इस सीट से केवल गुलाब कमरो ही दावेदार हैं।
