रायपुर। राजधानी से लगे मंदिरहसौद थाना क्षेत्र में रक्षाबंधन के दिन दो युवतियों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने छत्तीसगढ़ को झकझोर कर रख दिया है। राजधानी समेत प्रदेश के सभी क्षेत्र में इस घटना को लेकर आक्रोश है। जिससे छत्तीसगढ़ी महिला समाज ने रविवार शाम 4 बजे आक्रोश रैली निकाली, यह रैली सुभाष स्टेडियम से शुरू होकर कलेक्ट्रेट चौक छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा में जाकर समाप्त हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने इस रैली में भाग लिया, सभी ने एक स्वर में बलात्कारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कर फाँसी देने की मांग की।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी महिला समाज की अध्यक्ष मालती परगनिया ने बताया कि रक्षाबंधन के पवित्र दिन जब भाई बहन एक दूसरे को राखी बांध रहे थे, ऐसे पवित्र दिन में दो बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला बेहद ही निंदनीय है। यह पूरे समाज को शर्मसार करने वाली घटना है। हम मांग करते हैं कि बलात्कारियों को बीच चौराहे पर ही फांसी पर लटकाया जाए ताकि छत्तीसगढ़ में फिर कभी दुष्कर्म की घटना ना हो। वहीं छत्तीसगढ़ी महिला समाज की पदाधिकारी राखी वर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन के दिन सामुहिक बलात्कार की घटना से सभी समाज में आक्रोश है, छत्तीसगढ़ी महिला समाज मांग करता है कि बलात्कारियों को बीच चौराहे पर ही फांसी देनी चाहिए, ताकि अपराधिक प्रवित्तियों के लोगो मन में भय पैदा हो और कभी भी ऐसी घटना दोबारा ना हो।
घटना स्थल से कुछ दूरी पर लगे उमरिया गाँव से आई बच्चियों ने बताया कि वे रोजाना पढ़ाई करने के लिए शहर आती है, लेकिन घर लौटते वक्त वहां अंधेरा रहता है। ऐसे में उमरिया गांव की छात्राओं में मांग है कि पुलिस की पेट्रोलिंग उसे क्षेत्र में बढ़े, स्टूडेंट्स ने बताया कि आए दिन उस क्षेत्र में शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है और ऐसे में आने-जाने में असुविधा होती है। इसलिए हम सरकार से मांग करते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सके।
