आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो चला है. वहीँ शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सभी लोगों को पौष्टिक आहार का सेवन करने की सलाह दी जाती है, हालांकि इसमें क्या खाना चाहिए इससे जरूरी यह जानना है कि आपको किन चीजों से परहेज करना चाहिए।
जिन चीजों को शरीर के लिए सबसे हानिकारक पाया गया है उनमें नमक-चीनी को प्रमुख रखा गया है। अधिक नमक वाली चीजों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का प्रमुख कारण माना जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि ये शरीर के लिए और भी कई प्रकार से हानिकारक दुष्प्रभावों वाला हो सकता है?
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि ज्यादा नमक वाली चीजों का सेवन न सिर्फ आपमें ब्लड प्रेशर की समस्या को बढ़ाने वाला हो सकता है, साथ ही इसका किडनी की सेहत पर भी गंभीर असर देखा गया है। समय के साथ यह आपमें किडनी डैमेज के खतरे को भी बढ़ाने वाला हो सकता है।
आइए जानते हैं कि नमक का ज्यादा सेवन किस प्रकार से सेहत के लिए हानिकारक है और किडनी को किन चीजों से सबसे ज्यादा खतरा होता है?
ज्यादा नमक किडनी के लिए हानिकारक:
शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि अधिक सोडियम से सिर्फ ब्लड प्रेशर ही नहीं बढ़ता है, ये शरीर को कई और भी प्रकार से क्षति पहुंचाने वाली हो सकती है। किडनी की सेहत पर भी इसके दुष्प्रभाव देखे गए हैं। आहार में नमक की अधिकता के कारण शरीर में सोडियम का संतुलन बाधित हो सकता है, यह स्थिति किडनी के लिए समस्याओं का कारण बन सकती है।
जब किडनी का कार्य प्रभावित होने लगता है तो शरीर से पानी निकलना भी कम हो जाता है जिसके कारण रक्तचाप बढ़ने का भी खतरा हो सकता है, यह किडनी की बीमारियों के प्रमुख कारण में से एक है। आइए जानते हैं कि किडनी को और किन चीजों से क्षति पहुंच सकता है?
ज्यादा प्रोटीन भी हानिकारक : स्वस्थ आहार के लिए प्रोटीन सबसे आवश्यक तत्वों में से एक है, लेकिन अगर आप अपने आहार में अधिक लाभ के लिए ज्यादा मात्रा में प्रोटीन वाली चीजों को शामिल करते हैं तो इससे आपकी किडनी के लिए समस्या बढ़ने का जोखिम हो सकता है। आहार में प्रोटीन की अधिकता इंट्राग्लोमेरुलर हाइपरटेंशन का कारण बन सकती है, जिसके परिणामस्वरूप किडनी के लिए समस्याएं बढ़ने लग जाती हैं। आहार में प्रोटीन की मात्रा का ध्यान रखना बहुत आवश्यक हो जाता है।
धूम्रपान भी नुकसानदायक:
धूम्रपान को पूरे शरीर के लिए हानिकारक माना जाता है, इससे न सिर्फ फेफड़ों की बीमारी बढ़ने का जोखिम रहता है साथ ही किडनी की सेहत पर भी इसका नकारात्मक असर देखा गया है। धूम्रपान के कारण उच्च रक्तचाप और टाइप-2 डायबिटीज दोनों के बढ़ने का जोखिम रहता है, ये दोनों किडनी रोगों का प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा धूम्रपान की स्थिति किडनी में रक्त के प्रवाह को भी धीमा कर देती जिसके कारण भी किडनी की सेहत प्रभावित हो सकती है।
दर्द की दवाई:
अगर आप अक्सर दर्द की दवाई खाते रहते हैं, छोटी-छोटी समस्या होने पर ओवर-द-काउंटर दर्द की दवाएं लेते हैं तो इसका भी किडनी की सेहत पर दुष्प्रभाव हो सकता है। दर्द निवारक दवाओं का अधिक सेवन किडनी के कार्यों को प्रभावित करने वाली हो सकती है, यही कारण है बिना किसी डॉक्टरी सलाह के दवाओं का सेवन न करने की सलाह दी जाती है।
