नई दिल्ली. अमेरिका और चीन जैसी दो सुपर पावर के बीच टकराव की आहट सुनाई देने लगी है. चीन की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि जिस तरह अमेरिका ने रूस के खिलाफ मिलिट्री अलायंस NATO का गठन किया है, अगर कुछ ऐसा ही वो चीन के खिलाफ करने का प्रयास करता है तो दुनिया में खूनी खेल शुरू हो सकता है.
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बीजिंग सैन्य गठबंधनों के अनियंत्रित विस्तार को खारिज करता है.चीन की तरफ से कहा गया कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में NATO की तर्ज पर अगर उसके खिलाफ कोई मिलिट्री अलायंस बनाने का प्रयास किया जाता है तो ये केवल रक्तपात को बढ़ावा देगा.
वांग ने मंगलवार को बीजिंग में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन “सैन्य गठबंधनों के अनियंत्रित विस्तार और अन्य देशों के सुरक्षा क्षेत्र को घेरने का विरोध करेगा. उन्होंने कहा कि बीजिंग किसी भी मामले में संबंधित राष्ट्रों को चिन्हित किए बिना बातचीत और परामर्श के माध्यम से देशों के बीच मतभेदों और विवादों को हल करना चाहेगा.
