: वास्तु शास्त्र के अनुसार कई समस्याओं के समाधान के बारे में वर्णन किया गया है, अगर व्यक्ति इन नियमों का पालन करता है तो उसे किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता वही अगर व्यक्ति इन नियमों का पालन करता है तो उसे जीवन में लाभ मिलता है.
ऐसे में वास्तु के अनुसार कई चीजों से जुड़े नियम भी बताये गए है इसी प्रकार व्यक्ति के खाना खाने से जुड़े कुछ नियम बताये गए और दिशाएं बताई गयी है.अगर खाना खाते वक्त आप उन नियमों का पालन नहीं करते है तो घर में नेगेटिव उर्जा का संचार होता है साथ ही स्वास्थ्य भी कभी ख़राब नहीं होता है. आइए वास्तु शास्त्र के आधार पर जानते हैं खाना खाने के सही वास्तु नियमों बारे में जो इस प्रकार है :
परिवार के साथ बैठकर करें भोजन : शास्त्रों के अनुसार भूलकर भी भोजन का अपमान न करें. कभी भी भोजन की थाली को न धिक्कारे . जो मिले उसे ख़ुशी से भगवन का प्रसाद समझ कर ग्रहण करें.वास्तु के नियमों के अनुसार सबसे पहले तो घर के सभी सदस्यों को एक साथ मिलकर भोजन करना चाहिए . इससे घरवालों के बीच प्रेम, एकता और स्नेह बना रहता है, जो कि काफी फायदेमंद साबित हो सकता है.
भोजन के लिए सही दिशा का करें चुनाव : वास्तु शास्त्र के अनुसार भोजन एकदम सही दिशा में बैठकर करना चाहिए. इसलिए जितना हो सके खाना खाते समय अपना मुंह घर के पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें. ऐसा करने से आपके अंदर नेगेटिव एनर्जी खत्म होती है. और जीवन में शांति बनी रहती है, साथ ही सफलता भी मिलती है.
खाने को जूठा न छोड़े अथवा खाने की बर्बादी न करें: वास्तु शास्त्र के अनुसार खाने को जूठा नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि वास्तु में अन्न की बर्बादी को पाप के समान माना जाता है. इसलिए खाने को नहीं फेंके नहीं बल्कि अपनी जरूरत के हिसब से ही खाना प्लेट में लें और उसे खत्म करें.वास्तु के अनुसार माना जाता है की अगर आप खाना जूठा छोड़ते है तो इससे आपके जीवन में पैसों से जुडी समस्याएँ भी बहुत आती है इसलिए जितना हो सके खाना पूरा खत्म करें.
