नई दिल्ली। TMC की सांसद महुआ मोइत्रा हर ढलते दिन के साथ मुश्किल में पड़ती जा रही हैं। कैश फॉर क्वेरी मामले में कारोबारी दर्शन हीरानंदानी ने संसद कीएथिक्स कमेटी के पास एफिडेविट दाखिल कर कई बड़े खुलासे किए हैं। एफिडेविट के मुताबिक़ मोइत्रा ने कारोबारी के साथ अपना लॉग इन पासवर्ड शेयर किया ताकि वो उनकी तरफ़ से सवाल कर सकें। इस संबंध में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बीते दिनों स्पीकर को पत्र लिखकर आरोप लगाया था। टीएमसी सांसद ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए वकील जय अनंत और बीजेपी सांसद को कानूनी नोटिस भेजा है।
कारोबारी हीरानंदानी ने ये भी कहा है कि वो महुआ मित्रा को 2017 से जानते हैं और उनसे कई बार मिल चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि महुआ महत्वाकांक्षी हैं। वो अपना नाम जल्द से जल्द राष्ट्रीय स्तर पर बनाना चाहती थीं। उन्हें एडवाइजर्स और दोस्तों ने सुझाव दिया कि सुर्खियों में रहने और एक राष्ट्रीय स्तर की नेत्री बनने के लिए सबसे आसान तरीका है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करना, जो कि उनकी शख़्सियत के सामने आसान नहीं था। इसलिए महुआ ने कारोबारी गौतम अदाणी के जरिए मोदी पर हमला करना शुरू किया।
महुआ मोइत्रा ने कारोबारी हीरानंदानी द्वारा दायर एफिडेविट पर कहा कि इस लेटर का ड्राफ्ट PMO ने भेजा और उनसे इस पर दस्तखत करने के लिए दबाव बनाया गया।
