नई दिल्ली। हार्ट से जुड़ी बीमारियां और हार्ट अटैक का खतरा अब तेजी से बढ़ रहा है. कुछ समय पहले तक बढ़ती उम्र वालों में ही हार्ट अटैक का जोखिम पाया जाता था लेकिन अब युवा भी इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. हाल ही में कुछ ऐसे मामले आए हैं, जब दुर्गा पंडाल, गरबा डांस में हार्ट अटैक से मौत की खबरें आई हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स अब कार्डियक अरेस्ट को लेकर अलर्ट कर रहा हैं. उनका कहना है कि ये किसी को भी हो सकता है. इसलिए लाइफस्टाइल और डाइट का खास ख्याल रखना पड़ता है. क्योंकि हार्ट डिजीज के भी यही दोनों प्रमुख कारण हैं.
दिल की बीमारियां क्यों बढ़ रही हैंहेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जिस तरह की लाइफस्टाइल हम सभी आजकल जीते हैं, वह हार्ट डिजीज के खतरे को बढ़ा रही है. अधिकतर लोग सेंडेंटरी लाइफस्टाइल को जीते हैं. बहुत से लोग लंबे समय तक बैठे रहते हैं. उनके खानपान में जंक और प्रोसेस्ड फूड्स शामिल होने से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ रही है. इसका हार्ट की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है. ऐसे में कम उम्र से ही इसका खास ख्याल रखना पड़ता है, वरना इसके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं. इसलिए टेस्ट के जरिए हार्ट डिजीज का खतरा पता लगाया जा सकता है.
कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएंकोलेस्ट्रॉल हमारे ब्लड में पाया जाने वाला मोम युक्त पदार्थ होता है. स्वस्थ कोशिकाओं के निर्माण में इसकी आवश्यकता होती है. हालांकि, इसकी ज्यादा मात्रा हार्ट की बीमारी के खतरे को बढ़ा देती है. ब्लड सैंपल के जरिए शरीर में कोलेस्ट्रॉल की जांच की जाती है. इसके जरिए कोलेस्ट्रॉल और फैट की मात्रा का पता लगाया जाता है. ब्लड में 200 मिलीग्राम/डीएल से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को सामान्य माना जाता है, जबकि 240 मिलीग्राम/डीएल या उससे ज्यादा मात्रा हानिकारक हो सकती है.
ECG की जांचइलेक्ट्रोकार्डियोग्राम
