मध्य प्रदेश। कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में ही बीजेपी प्रत्याशी ने उन्हें खुले मंच से चुनौती दी है. पांढुर्ना से बीजेपी प्रत्याशी प्रकाश उइके ने कमलनाथ और नकुलनाथ को चैलेंज करते हुए कहा कि पांढुर्ना उनके बाप की जागीर नहीं है. उइके ने कहा कि मैं उनकी बैंड बजा दूंगा.
इनके बाप की जागीर नहीं है
प्रकाश उइके ने कमलनाथ-नकुलनाथ पर हमला करते हुए कहा, “बाप ने पानी से वंचित किया, बेटा कहता है ज़िले से वंचित करूंगा. पांढुर्ना में इनके बाप की जागीर नहीं चल रही है, जो पांढुर्ना को जिला बनाने से रोकें. मैं चैलेंज देता हूं, अगर मर्द की औलाद हो तो पांढुर्ना को जिला हटाकर बता देना. मेरे जीते जी पांढुर्ना से पांढुर्ना जिला ले जाकर तो देखें बाप और बेटे दोनों की बैंड नहीं बजा दी तो मेरा नाम बदल देना.”
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, तहसील सौसर, नांदनवाड़ी पांढुर्णा को मिलाकर पांढुर्णा को जिला बनाया गया है. पांढुर्णा के लोगों की पुरानी मांग थी कि पांढुर्ना को जल्द जिला बनाया जाए, जबकि सौसर विधानसभा के लोग सौंसर को जिला बनाने की मांग कर रहे थे. अब पांढुर्णा को जिला बना दिया गया है तो सौसर के लोगों में नाराजगी है. इसी बीच नकुलनाथ ने सौसर में बयान दिया, “एक एसपी और एक कलेक्टर को बिठाल देने से कोई जिला नहीं बनता. सौसर को शामिल करने की बात है तो भरोसा करिएगा में सौसर का निवासी हूं मैं ये सब नहीं होने दूंगा.” इसी को लेकर प्रकाश उईके ने नकुलनाथ पर हमला बोला है.
परिवारवाद पर किया कटाक्ष
बीजेपी प्रत्याशी प्रकाश उइके ने तंज कसते हुए कहा कि पहले राजतंत्र हुआ करता था, राजा का बेटा राजा ही हुआ करता था. अब 75 साल हो गए देश को आजाद हुए लोकतंत्र लागू हुए, मगर छिंदवाड़ा जिले में शायद लोकतंत्र लागू होने में समय है. यहां राजा का बेटा राजा ही बन रहा है. उनको एक आदिवासी नहीं मिला क्षेत्र में? आदिवासियों की बात करते-फिरते हैं, किसी एक आदिवासी के बेटे को सांसद बना देते.
