बालाघाट। मध्य प्रदेश की सत्ता में वापस आने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शनिवार को बालाघाट पहुंचे। यहां उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए भाजपा पर जमकर हमला बोला।
एजेंसियों की छापेमारी कार्यकर्ताओं के मनोबल को नहीं गिरा सकती
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कटंगी कस्बे में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में केंद्रीय एजेंसियों की हालिया छापेमारी उनके कार्यकर्ताओं को हतोत्साहित नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि पार्टी छत्तीसगढ़ और साथ ही भाजपा शासित मध्य प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव जीतेगी। खरगे ने कहा,
मैं कल छत्तीसगढ़ में था। मोदी और शाह की फोर्स भी वहां थी। ईडी, सीबीआई और आईटी छापों के माध्यम से वे हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं को आतंकित करना चाहते हैं, ताकि वे अपने घरों में बैठ जाएं। वे सोच रहे हैं कि इन छापों के कारण कांग्रेस कार्यकर्ता घर बैठ जाएंगे और हतोत्साहित हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होगा। कांग्रेस निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में जीतेगी।
मनरेगा ने कोविड-19 महामारी में रोजगार प्रदान करने में की मदद
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार प्रवर्तन निदेशालय केंद्रीय जांच ब्यूरऔर आयकर विभाग का इस्तेमाल छत्तीसगढ़ की सरकार को निशाना बनाने के लिए हथियार के रूप में कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पीएम मोदी ने एक बार मनरेगा योजना की कड़ी आलोचना की थी, लेकिन उसी कार्यक्रम ने सरकार को COVID-19 महामारी के दौरान रोजगार प्रदान करने में मदद की।
खरगे ने कहा कि कांग्रेस ‘हरित क्रांति’ लेकर आई, जिसने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि उत्पादकता को बढ़ाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के उस दृष्टिकोण के कारण ही वर्तमान सरकार लाखों लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने में सक्षम है।
खरगे ने की राजीव गांधी की तारीफ
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज देश के करोड़ों लोग जिस मोबाइल फोन और कंप्यूटर का उपयोग कर रहे हैं, वह तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दूरदर्शिता के कारण संभव हुआ। खरगे ने देश के विकास में पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को भी याद किया और इस मुद्दे पर कांग्रेस पर सवाल उठाने के लिए मोदी की आलोचना की।
