नई दिल्ली। भारत सरकार की तरफ से एलन मस्क की टेस्ला को देश में एंट्री देने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि जनवरी 2024 तक सरकार टेस्ला के भारत आने में लगी अड़चन को दूर करने में कामयाब हो जाएगी. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार हाल में ही पीएमओ की तरफ से एक मीटिंग की गई. इसमें इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल के निर्माण को लेकर बातचीत हुई. इस दौरान टेस्ला को लेकर भी बातचीत की गई. एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि मीटिंग में जनरल पॉलिसी से जुड़ा डिस्कशन हुआ. इस दौरान भारत में टेस्ला के प्रस्तावित निवेश के लिए मंजूरी में तेजी लाने की बात कही गई.मुख्य अतिथि बनेंगे जो बाइडेन!
जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और टेस्ला के मालिक एलन मस्क के बीच अमेरिका में मुलाकात हुई थी. इसके बाद कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री, हेवी इंडस्ट्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मिनिस्ट्री के बीच इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण को लेकर बातचीत हो रही है. आपको बता दें इस बार भारत की तरफ से 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को इनवाइट किया गया है. टेस्ला के अधिकारी भी देश में कार और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग की सुविधाएं शुरू करने के बारे में भारत सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं. .
इम्पोर्ट ड्यूटी एक बड़ा मुद्दा बनाएक और अधिकारी ने ईटी को बताया कि सरकारी विभागों को टेस्ला के देश में मैन्युफैक्चरिंग प्लान के लिए टेस्ला के साथ किसी भी मतभेद को हल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आपको बता दें टेस्ला के भारत आने के रास्ते में इम्पोर्ट ड्यूटी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है. टेस्ला की तरफ से पूरी तरह तैयार की गई इलेक्ट्रिक कारों पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटाकर 40 प्रतिशत करने की मांग की गई थी. आपको बता दें 40000 डॉलर से कम कीमत वाली कारों पर 60 परसेंट की इम्पोर्ट ड्यूटी है. इससे ज्यादा की इलेक्ट्रिक कारों पर 100 परसेंट की इम्पोर्ट ड्यूटी है.
