नई दिल्ली।रुद्र हो या प्रचंड, इनके जरिए इंडियन आर्मी अपनी आसमानी सुरक्षा को मजबूत कर रही है. ताकि बॉर्डर पर पाकिस्तान और चीन की किसी भी नापाक हरकतों का जवाब देने में ज्यादा इंतजार न करना पड़े. इस बीच, अब आर्मी को नया खतरनाक योद्धा मिलने जा रहा है.: हिमाकत की तो आसमान से ही खात्मा कर देगा उड़ता टैंक! ये है भारत के अजेय योद्धा की ताकत
अगर अब पाकिस्तान से आतंकी घुसपैठ करने की कोशिश करेंगे तो उनकी खैर नहीं. उन पर सिर्फ जमीन से हमला नहीं होगा बल्कि सीधे आसमान से अटैक होगा. इंडियन आर्मी को जल्द ही खतरनाक और ताकतवर अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर मिलने वाले हैं. अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर दुश्मन के टैंकों, बख्तरबंद गाड़ियों के साथ आतंकियों को भी आसानी से खत्म करने में सक्षम है. अपाचे एयरफोर्स के बेड़े में पहले से ही शामिल है. अब बहुत जल्द ये थल सेना की ताकत भी बढ़ाने वाला है. बस कुछ समय बाद ये पाकिस्तान की सीमा पर मंडराता दिखेगा. आइए भारत के इस अजेय योद्धा के बारे में जानते हैं.थल सेना को कब मिलेंगे अपाचे हेलीकॉप्टर?
ये भारतीय वायुसेना का उड़ता हुआ टैंक है. वैसे तो इसका नाम अपाचे है. अपाचे फाइटर हेलीकॉप्टर इंडियन एयरफोर्स का सबसे ताकतवर हेलीकॉप्टर है और जल्द ही ये थल सेना की ताकत बढ़ाने वाला है. थल सेना को भी अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर मिलने वाले हैं. अगले साल के शुरुआती तीन महीने में थल सेना के पायलट भी अपाचे हेलीकॉप्टर उड़ाते हुए नजर आएंगे. इंडियन आर्मी को जो अपाचे मिलेंगे उसका इस्तेमाल भी भारत के दुश्मन नंबर एक के खिलाफ ही होगा.
अपाचे हेलीकॉप्टर कहां तैनात होंगे?भारतीय सेना, अपाचे फाइटर हेलीकॉप्टर को पाकिस्तान की सीमा पर तैनात करेगी. ताकि पड़ोसी, सीमा पर किसी तरह की हिमाकत करने से पहले सौ बार सोचेगा. बता दें कि भारतीय सेना को कुल 6 अपाचे हेलीकॉप्टर्स मिलेंगे, जिनमें से पहले तीन अगले साल मार्च में मिल जाएंगे. इन हेलीकॉप्टर्स को राजस्थान में तैनात किया जाएगा. जहां पाकिस्तान की तरफ से टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों के बड़े हमले का खतरा बना रहता है. अपाचे हेलीकॉप्टर ऐसे किसी भी हमले से निपटने में पूरी तौर पर सक्षम है.अपाचे की ताकत क्या है?अपाचे हेलीकॉप्टर को आसमान में उड़ता हुआ टैंक भी कहा जाता है क्योंकि एक टैंक जिस तरह से दूसरे टैंक को बर्बाद करता है. ठीक उसी तरह अपाचे हेलीकॉप्टर भी दुश्मन के टैंकों को तबाह कर देता है. अपाचे में 30 मिलीमीटर की एक चेन गन होती है, जिसका नियंत्रण पायलट के हेलमेट से होता है यानी पायलट जिधर देखेंगे गन का निशाना उधर ही हो जाएगा. भारतीय सेना के बेड़े से चेतक और चीता हेलीकॉप्टर की जगह अपाचे हेलीकॉप्टर लेंगे.
अपाचे की खूबियों की वजह से ही इसे भारतीय सेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा.- ये एडवांस मल्टी कॉम्बैट हेलिकॉप्टर है. मतलब एक ही समय में कई मोर्चों पर लड़ सकता है.- इसमें हाई क्वालिटी नाइट विजन सिस्टम है, जिसकी वजह से ये रात में भी किसी ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है.- इसमें हेलफायर और स्टिंगर मिसाइलें लगी होती हैं जो एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलें हैं.- एक मिनट में 128 टारगेट पर हमला कर सकता है.- इस लड़ाकू हेलीकॉप्टर में एक 30 मिलीमीटर की चेन गन भी लगी होती है, जिससे एक मिनट में 600 राउंड फायरिंग की जा सकती है.- इसकी रफ्तार 293 किलोमीटर प्रति घंटा है.
इसकी उड़ान क्षमता 20 हजार फीट तक है.चीन-पाकिस्तान के नापाक मंसूबे होंगे फेलजान लें कि 2019 में अपाचे हेलीकॉप्टर्स को भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था और इसकी पहली स्क्वाड्रन को पठानकोट में तैनात किया था. भारतीय वायुसेना के पास 22 अपाचे हेलीकॉप्टर पहले से मौजूद हैं. इस स्क्वाड्रन की जिम्मेदारी पाकिस्तान के साथ-साथ चीन की सीमा पर दुश्मन के हर नापाक मंसूबे को फेल करने की है.गौरतलब है कि लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की जरूरत वायुसेना से ज्यादा सेना को होती है. दुश्मन के टैंकों, बख्तरबंद गाड़ियों या सैनिकों के बड़े हमले को रोकने के लिए लड़ाकू हेलीकॉप्टर हमेशा ज्यादा कारगर होते हैं.
दुश्मन के महत्वपूर्ण ठिकानों और मोर्चों पर तुरंत हमला करने के लिए लड़ाकू हेलीकॉप्टरों को बहुत कामयाबी से इस्तेमाल किया जाता है. इसी मकसद को ध्यान में रखते हुए इंडियन आर्मी को अपाचे हेलीकॉप्टर सौंपा जा रहा है.अपाचे के लिए सेना के पायलटों की ट्रेनिंग पूरी हो गई है. इस ट्रेनिंग में अब यूक्रेन युद्ध और इजरायल-हमास संघर्ष को भी शामिल किया जाएगा. इन दोनों ही युद्धों में आसमान से ड्रोन, मिसाइलों और हेलीकॉप्टरों के हमलों ने बड़ी भूमिका निभाई है. भारतीय सेना अपने पायलटों को इन नए तरीके के युद्ध के लिए भी तैयार रखना चाहती है.
भारतीय सेना ने हाल ही में स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड की पहली स्क्वाड्रन को असम के मिसामारी में तैनात किया है. भारतीय सेना के पास अभी कुल 5 प्रचंड हेलीकॉप्टर हैं और 90 प्रचंड खरीदने की तैयारी है. प्रचंड के अलावा भारतीय सेना स्वदेशी एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर रुद्र का भी इस्तेमाल करती है. अब अगले साल तीसरी ताकत के रूप में इंडियन आर्मी को अपाचे भी मिल जाएगा. ये बाकी दोनों हेलीकॉप्टर से कहीं ज्यादा शक्तिशाली होगा.
