*रायपुर:-* छत्तीसगढ़ में मतदान संपन्न हुए हैं। चुनाव में जहां एक ओर कांग्रेस ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है तो वहीं दूसरी ओर भाजपा ने भी अपने किसानों के लिए पिटारा खोले हैं। अब प्रदेश की जनता को नई सरकार बनने का बेसब्री से इंतजार है। इसी वजह से प्रदेश के कई धान केंद्रों में सन्नाटा देखने को मिल रहा है। बात करें सरगुजा संभाग में तो यहां जिस हिसाब से धान की आवक होनी चाहिए उस हिसाब से नहीं हो पा रही है।यही कारण है कि धान खरीदी केदो में किसानों का रुझान काफी कम नजर आ रहा है ,वंही कुछ किसान टोकन लेने और धान बेच रहे है वह ऐसे किस है जो धान बेच रहे हैं वह किसान कर्ज नहीं लिए हैं इसीलिए अभी जो धान खरीदी केदो में धान की भूमि हो रही है तो बिना कर्ज वाले किसानों ने ही धान खरीदी केंद्र में धान बेचकर भूमि कराई है बहरहाल अब आने वाला 3 दिसंबर के मतगणना के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर सरकार किसकी बनती है और किसानों को कितना फायदा मिल पता है।
