नई दिल्ली:- कार्तिक महीने की पूर्णिमा तिथि को पुराणों में अति पुष्यकरिणी माना गया है. इस तिथि में स्नान, दीपदान, व्रत और पूजन का विशेष महत्व होता है और इससे पुण्य फल की प्राप्ति होती है.
कार्तिक पूर्णिमा पर क्षीरसागर दान का महत्व
कार्तिक पूर्णिमा पर क्षीरसागर दान को उत्तम माना जाता है. क्योंकि इस तिथि में भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था. इसके लिए कार्तिक पूर्णिमा पर 24 अंगुल जितना लंबा पात्र लेकर इसे दूध से भर दें. फिर इसमें चांदी या सोने की मछली डालकर इस पात्र को किसी ब्राह्मण को दान दे दीजिए
गंगा स्नान पूजा विधि
कार्तिक पूर्णिमा पर सुबह जल्दी उठकर गंगा नदी में स्नान करें.
गंगा नदी में स्नान संभव न हो तो, नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर ही स्नान करना चाहिए.
स्नान के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और ‘ॐ आदित्याय नमः’ का जाप करें.
कार्तिक पूर्णिमा की संध्या में चंद्रदेव को अर्घ्य देकर ‘ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:’का जाप करें.
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा नदी के पास दीपदान करें. आप किसी भी नदी, सरोवर या तालाब आदि में भी दीपदान कर सकते हैं.
