*मध्य प्रदेश:-* विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद अब 3 दिसंबर को रिजल्ट का हर किसी को बेसब्री से इंतजार है, लेकिन देश के प्रमुख सट्टा बाजार फलौदी में मतदान के बाद किसकी सरकार बनेगी, कौन जीतेगा? इसे लेकर जबरदस्त सरगर्मी देखी जा रही है. हमारी सहयोगी साइट राजस्थान तक की टीम सट्टा बाजार की गलियों में पहुंची. टीम ने वहां पर एक दर्जन से ज्यादा सटोरियों से बात की, जिसमें ज्यादातर ने मध्य प्रदेश में भाजपा को आगे बताया है. राजस्थान में भाजपा और छतीसगढ़ में फिर से कांग्रेस की सरकार आने की घोषणा की.इस अनुमान से मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में जीत की उम्मीद लगाए बैठी कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है. वहीं, भाजपा के लिए मुस्कुराने की वजह बन गया है. बता दें कि देश में एक ऐसा प्रमुख सट्टा बाजार है फलौदी, जहां पर पिछले 450- 500 सालों से करोड़ों रुपये का सट्टा लगता रहा है और अब ये व्यापार बन गया है.असल में विधानसभा चुनाव में मतदान के बाद देश के सबसे बड़े सट्टा बाजारों में एक फलौदी के प्रमुख सट्टा बाजार में इस बार राजस्थान में पुरानी परंपरा में एक भाजपा और एक बार कांग्रेस की सरकार आने के संदर्भ में इस बार की चुनावी चौसर में भाजपा की वापसी का दावा किया जा रहा है. वहीं मध्य प्रदेश में एक बार फिर से बीजेपी की सरकार बनने का अनुमान लगाया जा रहा है. सट्टा बाजार से आ रही खबर के बाद राजनीतिक गलियारों में माहौल गरमा गया है.*वोटिंग के बाद हुई कांटे की लड़ाई*फलोदी सट्टा बाजार के अनुमान के मुताबिक, मध्यप्रदेश में दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना की जा रही है. जहां भाजपा को 115-117 सीटें वहीं कांग्रेस को 114 से 116 सीटें आने की संभावना व्यक्त की जा रही है. वहीं राजस्थान में भाजपा को 120 से 122 सीटें व कांग्रेस को 65 से 70 सीट आने की संभावना जताई गई है. जबकि छतीसगढ़ में पुनः कांग्रेस सत्ता में आने की संभावना है.*बढ़ा दी कांग्रेस की बेचैनी*इस बीच पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख सट्टा बाजार फलौदी बीकानेर सहित अन्य सट्टा बाजार से बाहर आ रही खबरों में वर्तमान में कांग्रेस की बेचैनी बढ़ा दी हैं. फलौदी सट्टा बाजार के प्रमुख सटोरियों के मुताबिक, बाजार ने भाजपा को 230 सीटों में से 120 से 122 सीटें दी हैं. उसका भाव 25 पैसा चल रहा है, जबकि कांग्रेस को 114-116 सीटें दी हैं, इसका भाव 15 रुपये चल रहा है. इसका मतलब है कि मध्य प्रदेश में वापसी की राह देख रही कांग्रेस को फिर से बड़ा झटका लग सकता है.
