रायपुर । मुख्यमंत्री के नामों पर आज सस्पेंस थोड़ा खत्म हो सकता है। आज भाजपा केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री चुनने के लिए आब्जर्बरों के नामों का ऐलान कर सकता है। चर्चा है कि आब्जर्बरों के नामों के ऐलान के साथ ही देर शाम तक पर्यवेक्षक रायपुर आयेंगे। अगले दिन यानि 9 दिसंबर को विधायक दल की बैठ हो सकती है। विधायक दल से रिपोर्ट लेकर आब्जर्बर दिल्ली लौटेंगे और फिर दिल्ली से अगले दिन नामों का ऐलान हो जायेगा। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने भी संकेत दिये हैं कि रविवार तक मुख्यमंत्री के नामों से सस्पेंस खत्म हो सकता है। आपको बता दें कि भाजपा ने अभी तक नाम तो छत्तीसगढ़, ना मध्यप्रदेश और ना ही राजस्थान के मुख्यमंत्री को लेकर चुप्पी तोड़ी है।
इधर छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद का सस्पेंस कब खत्म होगा, ये एक यक्ष प्रश्न बन गया है। जीत के बाद प्रदेश की जनता ही नहीं भाजपा नेता भी आलाकमान की तरफ टकटकी लगाये बैठे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के चेहरे अब तक सामने ही नहीं आ सके हैं। हालांकि अब दावा ये किया जा रहा है कि कल तक प्रदेश में प्रर्यवेक्षक रायपुर आ सकते हैं और 10 दिसंबर तक नामों पर का ऐलान हो जायेगा।Ezoicइधर जैसे-जैसे वक्त बढ़ रहा है, मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के नामों की लिस्ट भी छोटी और बड़ी होती जा रही है। रमन सिंह, अरूण साव, विष्णुदेव साय, रेणुका सिंह, गोमती साय, रामविचार नेताम, ओपी चौधरी, रमेश बैस… लोगों के जेहन में जितने भी नाम आ रहे हैं अपनी सुविधा के लिहाज से वो इसमें जोड़ते और घटाते जा रहे हैं।
हालांकि इन सब के बीच एक सवाल तो जरूर उठ रहा है कि जब मतदाताओं ने इतना स्पष्ट जनादेश दिया है, तो फिर आलाकमान को नामों को ऐलान में इतना कंफ्यूजन क्यों रहा है।इसका जवाब जानकारों की नजर में यही है कि… भाजपा की यही परंपरा रही है। अपनी बातों को मैं आगे बढ़ाऊ, उससे पहले एक आंकड़ों को मैं आपको बताता हूं, कि आखिर भाजपा का इतिहास रहा है कि वो बहुत आसानी से नामों का ऐलान नहीं करती है।
