रायपुर:- जिले की 4000 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नौकरी से निकाले जाने के बाद हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि 2273 कार्यकर्ता और 2051 सहायिकाओं को नौकरी से निकाल दिया गया है। विभाग की ओर से इन्हें नौकरी से निकालने से पहले नोटिस दिया गया था, लेकिन ये सभी काम पर नहीं लौटे जिसके बाद प्रशासन ने ये फैसला लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का समूह लंबे समय से हड़ताल पर बैठा हुआ था, जिसके बाद प्रशासन की ओर से उन्हें हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने का नोटिस दिया गया था, लेकिन वो काम पर नहीं लौटे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के नदारद होने से अक्टूबर महीने से ही पोषाहार का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
लेकिन सेविकाओं द्वारा नोटिश की अवहेलना करने पर डीपीओ ने सभी सेविकाओं के चयन मुक्त की अनुशंसा विभाग को कर दी है।जिससे आंगनबाड़ी केंद्र ढाई महीने से बंद पड़ा हुआ है। जबकि सेवा मुक्ति के वाबजूद भी 72 सेविकाओं को बीएलओ कार्य में लगाते हुए उनसे निर्वाचन का कार्य कराया जा रहा है।
