*मध्यप्रदेश:-* हाल ही में ‘वेलकम टु सज्जनपुर’ फेम एक्टर श्रेयस तलपड़े अपनी आने वाली फिल्म ‘वेलकम टु द जंगल’ की शूटिंग की शूटिंग कर रहे थे। तभी शूटिंग के दौरान 47 साल के श्रेयस को दिल का दौरा पड़ गया और वो बेहोश हो गए। जिसके बाद उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया।उनकी पत्नी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि अभी उनकी हालत स्थिर है और उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। ये खबर एक पुराने सवाल को फिर खड़ा कर रही है कि आखिर कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले क्यों देखे जा रहे हैं। बिग बॉस फेम एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला ने भी 42 साल की उम्र में अपनी जान गंवा दी थी।कम उम्र में हार्ट अटैक की घटनाएं आज हमारे देश में चिंता का विषय बन गया है। इससे पहले हाल ही में गुजरात के शिक्षा मंत्री कुबेर सिंह डिंडोर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि गुजरात में पिछले 6 महीनों में हार्ट अटैक की वजह से 1,052 लोगों ने अपनी जान गंवाई। जिनमें से 80% तो 11-25 साल के युवा थे।2020 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया में मौत की सबसे बड़ी वजहों पर एक रिपोर्ट जारी की। जिसमें पिछले बीस साल के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इस रिपोर्ट में जो बातें सामने आईं वो दुनिया भर के हेल्थ एक्सपर्ट्स के लिए चिंता का विषय बन गईं।रिपोर्ट में पता चला कि नॉन कम्युनिकेबल बीमारियां जो किसी वायरस या बैक्टीरिया से नहीं फैलतीं। बल्कि खराब खान-पान और लाइफस्टाइल की वजह से होती हैं, ये सबसे ज्यादा जानें लेती हैं। दुनिया भर में मौत की 10 बड़ी वजहों में से 7 स्ट्रोक, हार्ट अटैक जैसी नॉन कम्युनिकेबल बीमारियां हैं।यानी वायरस और बैक्टीरिया की बीमारियों पर तो इंसानों ने काफी हद तक काबू पा लिया है लेकिन आज इंसान खुद अपना ही सबसे बड़ा दुश्मन बना हुआ है। दुनिया में सबसे ज्यादा जानें हार्ट अटैक की वजह से जाती हैं। यहां तक की दुनिया भर में होने वाली 32% असमय मौतें दिल की बीमारियों की वजह से होती हैं। जिसमें सबसे बड़ा हाथ खराबलाइफ स्टाइल का है।
