*नई दिल्ली:-* चुनाव में नई-नई टेक्नॉलजी के इस्तेमाल और सोशल मीडिया के यूज के मामले में भारतीय जनता पार्टी अन्य दलों से काफी आगे है. एक बार फिर पार्टी अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर टेक्नॉलजी के इस्तेमाल में जुट गई है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 की तरह मंगलवार 19 दिसंबर को अपनी सरकार और स्थानीय प्रतिनिधियों के प्रदर्शन पर कई सवालों के साथ NAMO ऐप पर जन मन सर्वे” शुरू किया.इससे पहले प्रधानमंत्री ने 2016 में विमुद्रीकरण के ठीक बाद 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए, और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, तमिल नाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए इसी तरह के सर्वेक्षण किए थे. इस ऐप के जरिये मोदी लोगों से कनेक्ट होते हैं. अभी इस ऐप के 2 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं.*2018 में भी मोदी ने किया था इस ऐप पर सर्वे*सरकार के सूत्रों के अनुसार, 2018 में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के तीन बड़े हिंदी-बोलने वाले राज्यों में विधानसभा चुनावों में भाजपा के नुकसान के बाद, एक सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप पीएम किसान सामन निधि किसानों को आय का समर्थन देने वाली एक योजना, सामान्य श्रेणी के बीच आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए आरक्षण और अन्य अभियान की शुरुआत हुई. इसी के तहत ईडब्ल्यूएस कोटा को जनवरी 2019 में कानून का रूप दिया गया. इस कदम के बाद सामान्य वर्ग बीजेपी के साथ खड़ा नजर आया.*ऐप पर आए फीडबैक से बदले जाते हैं उम्मीदवार*इस ऐप पर किए गए सर्वे में सवाल सामान्य से लेकर खास तक होते हैं. वास्तव में NAMO ऐप पर आए इन सर्वेक्षणों और अन्य फीडबैक के आधार पर बीजेपी ने 2019 में पहली बार अपने 35% सांसद बदल दिए थे. उसने तब 268 लोकसभा सांसदों में से 173 सीटों पर नए उम्मीदवार उतारे थे. अब जबकि 2024 लोकसभा चुनाव नजदीक है, ऐसे में पीएम मोदी एक बार फिर अपने इस खास हथियार को फिर आजामा रहे हैं।
