जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के राजौरी सेक्टर में गुरुवार को घात लगाकर बैठे हथियारों से लैस आतंकवादियों ने सेना की दो वाहनों पर ताबड़तोड़ हमले किए. इस आतंकी घटना में चार जवान शहीद हो गए, जबकि तीन अन्य घायल हो गए. घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे अधिकारियों को वाहनों से दो सैनिकों के क्षत-विक्षत शव बरामद हुए हैं. इस हमले की पूरी जिम्मेदारी पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने ली है. पीएएफएफ पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की शाखा है.आतंकी संगठन PAFF, 4 साल पहले ही कश्मीर में एक्टिव हुआ है. जानकारों की मानें तो इस संगठन को लश्कर-ए-तैयबा ने आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर में एक्टिव किया था.
पिछले 4 सालों में इस आतंकी संगठन ने जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया है. बता दें कि जम्मू में तेजी से बढ़ती आतंकी घटनाओं को देखते हुए गृह मंत्रालय ने PAFF पर इसी साल बैन लगाया था
नए आतंकी संगठन घाटी को कर रहे लहूलुहानजम्मू-कश्मीर में पिछले कई सालों से नए आतंकी संगठनों का नाम सामने आ रहा है. पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट भी द रेसिस्टेंस फ्रंट, यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट और गजनवी फोर्स जैसे नए आतंकी संगठनों में से एक है. ये सभी संगठन पिछले कुछ सालों में भी घाटी में उभरे हैं. भारतीय सुरक्षाबलों ने जब से घाटी में लश्कर और जैश जैसे आतंकी संगठनों की कमर तोड़ी है तब से इन नए आतंकी संगठनों ने हमलों की नई रणनीति बना ली है.
ये आतंकी संगठन अब छोटे-छोटे गुट में पूरे कश्मीर में फैले हुए हैं और छिपकर हमला करते हैं. इन संगठनों में उन युवाओं की ही एंट्री होती है, जिनका किसी भी तरह का कोई क्रिमनल बैकग्राउंड नहीं होता है. इन्हें हाईब्रिड आतंकी कहते हैं तो घात लगाकर और छिपकर हमला करते हैं. किसी भी बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद ये सभी आतंकी अपने-अपने काम में लग जाते हैं, जिसके कारण उन्हें पहचानना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती साबित होती है.
राजौरी और पुंछ में तेजी से बढ़ रहे आतंकी हमलेजम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ इलाके में आतंकी घटनाएं तेजी से बढ़ रही है. इन इलाकों में इस साल 19 जवान शहीद हुए हैं जबकि आतंकी पर हुई कार्रवाई में 28 दहशतर्ग मारे जा चुके हैं. पिछले महीने ही राजौरी के बाजीमाला के जंगलों में घात लगाकर बैठे आतंकियों ने सेना के वाहनों पर हमला किया था, जिसमें दो कैप्टन समेत 5 जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद आतंकियों को लेकर चलाए गए अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर क्वारी समेत 2 आतंकियों को मार गिराया था. इससे पहले भाटा धुरियन के जंगल में भी घात लगाकर आतंकियों ने सेना के वाहन इपर हमला किया था.
