नई दिल्ली:- देश में एसयूवी का क्रेज किस कदर बढ़ रहा है, बिक्री के आंकड़े इस बात के गवाह हैं. तकरीबन हर वाहन निर्माता कंपनी इस सेग्मेंट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में लगी है. मिनी, माइक्रो, कॉम्पैक्ट, मिड-साइज… भारत में एसयूवी के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं. स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल का ये बदलता स्वरूप कुछ और नहीं बल्कि प्राइस रेस में अव्वल आने की जद्दोजहद मात्र है. असल मायनों में एसयूवी की परिभाषा इन सभी से बिल्कुल अलग है, जिस खांचे कुछ ही वाहन हैं जो फिट बैठते हैं.
सरकार ने भी एसयूवी वाहनों की नई परिभाषा भी तय कर दी है. हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 48वीं वस्तु एवं सेवा कर परिषद की बैठक हुई जिसमें जीएसटी ने एसयूवी की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए कहा कि, एक कार को एसयूवी या स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन तभी माना जाएगा जब वह चार शर्तों वाले मानदंडों को पूरी तरह से पूरेगा. अर्थात्: ऐसे वाहन जिनकी इंजन की क्षमता 1,500cc से अधिक है, जिनकी लंबाई 4,000mm से अधिक है; और जिनका ग्राउंड क्लीयरेंस 170 मिमी या उससे अधिक है उसे ही एसयूवी की श्रेणी में रखा जाएगा. खैर, इस पर चर्चा फिर कभी करेंगे… लेकिन एक एसयूवी है जो इन सभी मानकों पर खरा उतरती है और सेग्मेंट में अव्वल भी है, हम बात कर रहे हैं Toyota Fortuner की, बात जब भी एक दमदार एसयूवी की होती है तो इस मॉडल का नाम सबसे उपर आता है.
जब SUV सेग्मेंट ने पकड़ी रफ्तार:
साल 2000 के बाद देश का ऑटो सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुज़र रहा था. बात है साल 2003 की, जब मार्केट में टाटा सफारी और महिंद्रा स्कॉर्पियों ने रफ्तार पकड़नी शुरू की थी और एसयूवी सेग्मेंट में ये दोनों गाड़ियां बेहतर फरफॉर्म कर रही थीं. अब तक हैचबैक, सेडान और वैन के बीच फंसा आम भारतीय खरीदार एसयूवी का स्वाद चखना शुरू किया था, इसी बीच अमेरिकी वाहन निर्माता कंपनी फोर्ड ने बाजार में अपनी नई Ford Endeavour एसयूवी को लॉन्च किया, जिसकी कीमत तकरीबन 12 लाख रुपये से शुरू होती थी. इसके बाद मारुत ने अपनी Suzuki Grand Vitara को भी इसी साल बाजार में उतारा तकरीबन 6 सालों तक इन दोनों एसयूवी ने बाजार में रफ्तार भरी.
Toyota Fortuner
संभवत: भारत में मचा एसयूवी का शोर जापान थोड़ी देर पहुंचा और साल 2009 में टोयोटा ने अपनी फुल साइज़ एसयूवी Toyota Fortuner को यहां के बाजार में उतारा. उस वक्त टोयोटा फॉर्च्यूनर को 18.45 लाख रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया था. तकरीबन 13 साल पहले ये बड़ी रकम थी, उंची कीमत में आने के बावजूद इस SUV ने अपनी एक अलग पकड़ बनाई और बाजार में दिग्गज बने बैठे Ford Endeavour को तकरीबन हाशिए पर ला खड़ा किया. रोड से लेकर फैंस के बीच, हर जगह इन दोनों गाड़ियों पे खूब प्रतिद्वंदिता की लेकिन आखिर में सफलता फॉर्च्यूनर को ही मिली. अब फोर्ड इंडियन मार्केट छोड़ चुका है और इस सेग्मेंट में कई अन्य मॉडल भी आ गए हैं, लेकिन फॉर्च्यूनर का वर्चस्व अभी भी कोई डिगा नहीं सका है.
यूं तो बाजार में कई एसयूवी हैं, लेकिन भारतीय ग्राहकों के बीच जो क्रेज टोयोटा फॉर्च्यूनर को लेकर देखने को मिलता है, वो सबसे जुदा है. किसी के लिए ये आरामदायक एसयूवी है, तो किसी के लिए शाही सवारी और शान-ओ-शौकत की पहचान. सेग्मेंट में अव्वल रहने वाली इस एसयूवी की बाजार में अपनी एक अलग ‘दबंग’ पहचान है, लेकिन क्या इस एसयूवी को केवल दबंगई के लिए खरीदा जाता है. ऐसा बिल्कुल नहीं है, टोयोटा फॉर्च्यूनर में कई ऐसे फीचर्स हैं जो कि इसे अपने सेग्मेंट में बाकियों से बेहतर और अलग बनाते हैं.
Toyota Fortuner में क्या है ख़ास:
टोयोटा फॉर्च्यूनर दो इंजन विकल्पों के साथ आती है, एक वेरिएंट में 2.7 लीटर की क्षमता का पेट्रोल इंजन दिया गया है जो कि 166PS की पावर और 245Nm का टॉर्क जेनरेट करता है, वहीं दूसरे वेरिएंट में 2.8 लीटर टर्बो-डीजल इंजन का इस्तेमाल किया गया है, जो कि 204PS की पावर और 500Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. पेट्रोल इंजन को कंपनी 5-स्पीड मैनुअल और डीजल इंजन 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन और ऑटोमेटिक गियरबॉक्स से लैस किया है. इसका डीजल मॉडल फोर-व्हील ड्राइव सिस्टम के साथ भी आता है. इसके अलावा फॉर्च्यूनर एक कर ट्रिम Legender में भी उपलब्ध है, जो कि डीजल इंजन के साथ आता है.
डिज़ाइन हाइलाइट्स:
टफ दिखने वाले फ्रंट ग्रिल
स्कल्प्टेड साइड-पॉटून शेप बंपर
नए डिज़ाइन का हेडलैंप
शार्प LED लाइन गाइड
आधुनिक डे-टाइम-रनिंग लाइट्स
