नई दिल्ली:- हार्ट अटैक एक गंभीर चिकित्सा आपात स्थिति है जो तब सामने आती है, जब आपके हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है। हार्ट अटैक के लक्षण आमतौर पर अचानक ही दिखाई देते हैं और गंभीर होते हैं। कभी कभी को हार्ट अटैक जानलेवा भी साबित होता है। हालांकि, कुछ मामलों में, हार्ट अटैक के लक्षण 1 महीने पहले भी दिखाई दे सकते हैं। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको ऐसे ही लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आप महीने भर पहचान कर हार्ट अटैक के खतरे को काफी कम कर सकते हैं।
हार्ट अटैक के 1 महीने पहले दिखाई देने वाले लक्षण
अत्यधिक थकान
अगर आपको बिना किसी कारण के अत्यधिक थकान महसूस हो रही है, तो यह हार्ट अटैक का एक प्रारंभिक लक्षण हो सकता है। ये लक्षण आपको महीने भर पहले से महसूस हो सकता है।
सांस लेने में कठिनाई
अगर आपको व्यायाम या कोई और शारीरिक गतिविधि के दौरान सांस लेने में कठिनाई महसूस हो रही है, तो यह हार्ट अटैक का एक संकेत हो सकता है। इस तरह के संकेत को आपको बिल्कुल भी इग्नोर नहीं करना चाहिए।
छाती में दर्द
छाती में दर्द हार्ट अटैक का सबसे आम लक्षण है। हालांकि, यह दर्द हमेशा तेज नहीं होता है। कभी-कभी यह हल्का, दबाव या दर्द की तरह भी महसूस हो सकता है। यदि आप अपनी छाती में ऐसे किसी तरह के दर्द का अनुभव कर रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बेचैनी और चिंता
अगर आपको लंबे समय से बेचैनी और चिंता महसूस हो रही है, तो यह हार्ट अटैक का एक प्रारंभिक लक्षण हो सकता है। कई हेल्थ रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है कि लंबे समय तक रहने वाली बेचैनी और चिंता हार्ट अटैक का कारण बन सकती है।
असामान्य धड़कन
अगर आपकी हार्ट बीट बहुत तेज या बहुत धीमी है यानी असामान्य है। तो यह हार्ट अटैक का एक संकेत हो सकता है। दरअसल सामान्य हार्ट बीट हमारे हार्ट के स्वास्थ्य को बताती है, वहीं असामान्य हार्ट बीट ये बताती है कि आपका हार्ट किसी तरह की समस्या का शिकार होने वाला है।
हार्ट अटैक के अन्य लक्षण
पसीना आना
सिर चकराना
बाएं हाथ या कंधे में दर्द
गर्दन, जबड़े या पीठ में दर्द
बोलने में कठिनाई
हार्ट अटैक के जोखिम कारक
हार्ट अटैक के कारण
उच्च रक्तचाप
उच्च कोलेस्ट्रॉल
मधुमेह
धूम्रपान
अस्वस्थ आहार
अनियमित व्यायाम
परिवार का इतिहास
हार्ट अटैक से बचाव के उपाय
अपने रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करें।
धूम्रपान छोड़ दें।
स्वस्थ आहार खाएं और नियमित रूप से व्यायाम करें।
अपनी दवाएं नियमित रूप से लें।
