नई दिल्ली:- सनातन धर्म में कई ऐसे ज्योतिष उपाय हैं, जो इंसान के साथ भविष्य में घटित होने वाली घटनाओं की ओर इशारा करते हैं. इसमें से कुछ अच्छे तो कुछ बुरे भी हो सकते हैं. दरअसल, वास्तु शास्त्र में दैनिक जीवन में काम आने वाली हर चीज के नियम हैं. इन नियमों के विपरीत जाने से इंसान संकट में भी पड़ सकता है. चीजों को लेकर घर के बड़े-बुजुर्गों को भी रोकते-टोंकते देखा होगा. बता दें कि, खरीददारी से भी हमारा गुड लक और बैड लक जुड़ा होता है. इनमें जूते-चप्पल खरीदना भी एक है. वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे दिनों का जिक्र है, जिस दिन जूते-चप्पल घर लाना अशुभ माना जाता है. आइए कासगंज की तीर्थनगरी सोरों के ज्योतिषाचार्य डॉ. गौरव कुमार दीक्षित से जानते हैं किस दिन जूते-चप्पल नहीं खरीदना चाहिए.
इन दिनों न खरीदें जूते-चप्पल: ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, वास्तु शास्त्र में कई ऐसी चीजें हैं, जिन्हें खरीदने की मनाही होती है. उन्हीं में से एक है जूते-चप्पल. हर व्यक्ति अपनी सुविधा और ज़रूरत के अनुसार जूते-चप्पल खरीदता है, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार अमावस्या, मंगलवार, शनिवार या ग्रहण वाले दिन जूते-चप्पल खरीदने से बचना चाहिए. ये अपने साथ दुर्भाग्य भी लाते हैं.
क्यों न खरीदें इस दिन जूते-चप्पल:
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि का संबंध पैरों से माना जाता है, इसलिए कहा जाता है कि शनिवार के दिन जूते-चप्पल नहीं खरीदना चाहिए. शनिवार के दिन जूते-चप्पल खरीदने से व्यक्ति के ऊपर शनि दोष चढ़ता है. इससे शनि देव नाराज होते हैं और घर में दुख, दरिद्रता आती है.
किस दिन खरीदें नए जूते-चप्पल:
वास्तु शास्त्र में नए जूते-चप्पल खरीदने और उन्हें पहनने को लेकर भी सही दिन के बारे में बताया गया है. नए जूते-चप्पल शुक्रवार के दिन खरीदना और रखे हुए नए जूते-चप्पल शुक्रवार के दिन ही पहनना सर्वोत्तम बताया गया है.
फटे जूते चप्पल किस दिन फेंकें:
इस्तेमाल में नहीं आने वाले या फिर फटे पुराने जूते-चप्पल को फेंकने के लिए भी वास्तु शास्त्र में उल्लेख मिलता है. मान्यता के अनुसार, पुराने जूते-चप्पल को शनिवार के दिन किसी भी शनि मंदिर के बाहर छोड़ कर आ जाना चाहिए. इस उपाय से शनि की कुदृष्टि से मनुष्य बच जाता है।
यहां ना रखें जूते-चप्पल:
वास्तु शास्त्र के अनुसार, भूलकर भी जिस बेड पर सो रहे हैं, उसके नीचे जूते-चप्पल नहीं रखें. ऐसा करने से बेड पर सोने वाले व्यक्ति के स्वास्थ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और पति-पत्नी के संबंधों में भी दरार आती है।
