नई दिल्ली:- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पूरे भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम को ज्यादा कुशल और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। ऐसा करने के लिए, सरकारी एजेंसी ने 31 जनवरी 2024 के बाद अधूरे केवाईसी वाले फास्टैग को डी-एक्टिवेट करने का निर्णय लिया है, भले ही खातों में वैध शेष राशि हो। यह निर्णय ‘एक वाहन, एक फास्टैग’ कार्यक्रम के तहत लिया गया है। जिसका मकसद पूरे भारत में लागू इलेक्ट्रॉनिक टोल भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता लाना है।
एनएचएआई का दावा है कि कई मामलों में यह देखा गया है कि एक वाहन के लिए कई फास्टैग जारी किए गए हैं। हालांकि, नए कार्यक्रम के तहत, सरकारी एजेंसी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि एक वाहन पर सिर्फ एक ही फास्टैग हो। साथ ही, यह कार्यक्रम एक ही फास्टैग को कई वाहनों के लिए इस्तेमाल को हतोत्साहित करेगा। NHAI ने कहा है कि फास्टैग यूजर्स को आरबीआई दिशानिर्देशों के मुताबिक केवाईसी अपडेट करके इस साल 31 जनवरी तक अपने लेटेस्ट फास्टैग की केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। इसने कहा है कि सिर्फ लेटेस्ट फास्ट खाता ही एक्टिव रहेगा। क्योंकि इस समय सीमा के बाद पिछले टैग डीएक्टिवेट या ब्लैक लिस्टेड कर दिए जाएंगे।
यदि आप एक ही फास्टैग का इस्तेमाल कई वाहनों के लिए या एक ही वाहन के लिए कई फास्टैग का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह आपके लिए चिंता की बात होनी चाहिए। यदि आप तय नहीं हैं कि आपका लेटेस्ट फास्टैग केवाईसी अपडेट है या नहीं, तो यह समय है कि आप इसकी जांच करें और जरूरी है तो अपडेट करें।
यहां हम आपको डिटेल्स में बता रहे हैं जिससे आपको फास्टैग केवाईसी की जांच और अपडेट करने में कैसे मदद करेगी।
अपना लेटेस्ट फास्टैग पहचानें
सबसे पहले, आपको यह निर्धारित करना होगा कि आप कौन से फास्टैग का नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं। यह वही फास्टैग होना चाहिए जिस पर आप अपनी केवाईसी अपडेट करने जा रहे हैं।
केवाईसी स्थिति की जांच करें
आप कई तरीकों से अपने फास्टैग की केवाईसी स्थिति की जांच कर सकते हैं।
फास्टैग पोर्टल: https://fastag.ihmcl.com/ पर लॉग इन करें और ‘माई प्रोफाइल’ सेक्शन पर जाएं। वहां आपको अपनी केवाईसी स्थिति दिखाई देगी। आप वेरिफिकेशन के लिए ओटीपी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लॉग इन करने के बाद, डैशबोर्ड पर जाएं और ‘माई प्रोफाइल’ ऑप्शन चुनें। यह आपको रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान पेश किए गए सभी डिटेल्स दिखाएगा।
फास्टैग मोबाइल एप
अपने स्मार्टफोन पर फास्टैग मोबाइल एप इंस्टॉल करें और अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉग इन करें। यहां आपको केवाईसी स्थिति देखने का ऑप्शन मिलेगा।
एसएमएस
अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ‘CHKFAS <फास्टैग आईडी>’ एसएमएस भेजें। आपको कुछ ही मिनटों में केवाईसी स्थिति के बारे में एक एसएमएस मिलेगा।
टोल बूथ कर्मचारी
किसी टोल बूथ पर कर्मचारी से अपने फास्टैग की केवाईसी स्थिति के बारे में पूछताछ करें।
केवाईसी अपडेट करें
यदि आपकी केवाईसी अपडेट नहीं है, तो आप इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से कर सकते हैं:
ऑनलाइन: अगर आपके लेटेस्ट फास्टैग के लिए केवाईसी अपडेट नहीं है, तो ‘मेरी प्रोफाइल’ सेक्शन में ‘केवाईसी’ सब-सेक्शन को खोजें। केवाईसी सब-सेक्शन पर क्लिक करने के बाद, आपको ग्राहक टाइप चुनने के लिए कहा जाएगा। जरूरी पहचान पत्र और पते के प्रमाण दस्तावेज जमा करके अनिवार्य फील्ड भरें। इसके अलावा, प्रमाण के रूप में पासपोर्ट साइज का फोटो और पता के डिटेल्स अपलोड करें। इन डिटेल्स को जमा करने से पहले, सुनिश्चित करें कि आप दस्तावेजों और जानकारी के प्रमाणीकरण के सेल्फ-डिक्लरेशन के बॉक्स पर टिक करें। अब अपनी केवाईसी जानकारी जमा करें।
ऑफलाइन:
अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाएं और जरूरी दस्तावेज जमा करके अपनी केवाईसी अपडेट करें।
तैयार रखें ये जरूरी दस्तावेज
जब आप फास्टैग के लिए केवाईसी अपडेट कर रहे हों, तो सुनिश्चित करें कि ये दस्तावेज आपके पास आसानी से उपलब्ध हों:
वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र :
सुनिश्चित करें कि उस वाहन का आरसी आपके पास है जिसके लिए फास्टैग अपडेट किया जा रहा है।
एक पासपोर्ट आकार का फोटो: अपने पास एक पासपोर्ट आकार का फोटो तैयार रखें।
पहचान प्रमाण: वाहन के मालिक का कोई एक सरकारी पहचान प्रमाण होना चाहिए, जिसके नाम पर फास्टैग खरीदा गया है। इसमें ये विकल्प शामिल हैं:
ड्राइविंग लाइसेंस
पैन कार्ड
आधार कार्ड
पासपोर्ट
मतदाता पहचान पत्र
ध्यान दें कि पहचान प्रमाण के लिए इनमें से किसी भी एक दस्तावेज का इस्तेमाल किया जा सकता है।
समय सीमा का ध्यान रखें: सुनिश्चित करें कि आप 31 जनवरी 2024 से पहले अपनी केवाईसी अपडेट कर लें। नहीं तो, आपका फास्टैग डीएक्टिवेट कर दिया जाएगा और आप टोल भुगतान करने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
अतिरिक्त जानकारी: यदि आपको फास्टैग केवाईसी अपडेट प्रक्रिया के बारे में कोई संदेह है, तो आप फास्टैग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल कर सकते हैं या फास्टैग पोर्टल पर उपलब्ध FAQ सेक्शन में दी गई जानकारी पढ़ सकते हैं।
