वैसे तो सांपों का निवास जंगलों को माना जाता है. ये सांप अकसर अपने भोजन के तलाश में हमारे घरों के आस पास आ जाते हैं. इसमें कुछ जहरीले और कुछ बिना जहर के होते हैं, लेकिन क्या आपने नोटिस किया है कि सांप अक्सर गर्मियों और बरसात के दिनों में ही देखने को मिलते हैं. सर्दियों के दिन आते ही ये सांप एक दम से गायब हो जाते है.
इस संबंध में झारखंड के हजारीबाग के सर्प मित्र मुरारी सिंह बताते हैं कि प्राय सांप गर्मी और मानसून के मौसम में ही एक्टिव रहते हैं. जिस कारण ये जंगलों के साथ साथ इंसानी इलाकों में भी देखने को मिल जाते हैं. सर्दी के मौसम आते ही ये सांप कुंभकर्णी नींद लेना पसंद करते हैं. इसे हाइबरनेशन या शीतनिद्रा कहते हैं. इस समय सांप न भोजन की तलाश में निकलते हैं न ही कोई शिकार करते हैं. बस एक सुरूक्षित जगह पर अपना निवास स्थान बना कर शीतनिद्रा में पड़े रहते हैं.
उन्होंने आगे बताया कि सांपों की तीन से चार महीने तक लगातार शीत निद्रा में रहते हैं. इस समय सांप छिपने के लिए एक सुरक्षित स्थान चुनते हैं. इस समय सांप अन्य दिनों में किए शिकार से जमा कैलोरी की सहायता से अपने शरीर को एनर्जी देते हैं. इससे उनके शरीर में जमजमा फैट भी कम होता है. इससे सांप जब शिकार करने निकलते हैं तब उनके शरीर में फुर्ती बढ़ जाती है. उन्होंने आगे बताया कि शीतनिद्रा में स्थिति में सांप केवल बीच बीच में धूप लेने के अपने बिलों से बाहर निकलते हैं, लेकिन वहां भी वो काफी सुस्त पड़े रहते हैं.
