नई दिल्ली:- सरकार ने इस योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ उनकी खेती की लागत पर 75% अनुदान भी प्रदान करने का ऐलान किया है। इस योजना की तत्परता को दर्शाते हुए, अबतक 37 किसान इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। ऑनलाइन आवेदन करने वाले किसानों को इस खेती से संबंधित सभी आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह से उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें अधिक समर्थन मिलेगा।
संबंधित सभी आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह से उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें अधिक समर्थन मिलेगा।
इस समय ऐसे करें खेती अंतरराष्ट्रीय संस्थान द्वारा शोध किए गए उन्नत बीजों से उत्पन्न होने वाला पपीता एक नए अवसर की ओर पहुंचा है। इस पपीते का उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ा हुआ है, जिससे किसानों को अधिक मुनाफा हो सकता है।
उद्यान विभाग ने इस परियोजना के तहत किसानों को सभी आवश्यक सामग्री प्रदान करके खेती की शुरुआत करने का समर्थन किया है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय संस्थान द्वारा शोध किए गए उन्नत बीज भी किसानों को प्रदान किए जाएंगे, जिससे पपीते की उत्पन्नता में वृद्धि होगी। जिले में फिलहाल पपीते की खेती लगभग दो हेक्टेयर भूमि में ही हो रही है, जिस पर सरकारी सिस्टम की मार्केटिंग नहीं है। इसके कारण किसानों को अच्छा मुनाफा नहीं हो पा रहा है। लेकिन इस योजना के बाद, स्थानीय पपीते मंडियों में बढ़ता हुआ विश्वास होने का आसरा है। सरकारी स्तर पर विकसित होने वाले पहल के बाद स्थानीय पपीते मंडियों में उत्पन्न पपीता व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
